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चंडीगढ़ सोमवार से अंधेरे में, आर्मी बुलायी गयी, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, मनीष तिवारी की अमित शाह से गुहार

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 Chandigarh : चंडीगढ़ में सोमवार रात से बिजली संकट जारी है. सूत्रों के अनुसार तो गुरुवार तक बिजली आने की उम्मीद नहीं है. खबरों के अनुसार बिजली विभाग के निजीकरण का बिजली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं निजीकरण के विरोध में हड़ताल कर रहे कर्मचारी फाल्ट सुधारने तैयार नहीं हैं. ऐसे में हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने सेना बुलाई है.  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस समस्या का संज्ञान लिया और आज बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर को पेश होने के लिए कहा है.स्थिति ऐसी है कि इनवर्टर और मोबाइल भी  डिस्चार्ज हो गये हैं, जिससे लोग परेशान हैं. इसे भी पढ़ें : Russia-Ukraine">https://lagatar.in/russia-ukraine-war-convoy-of-100-trucks-of-russian-army-moved-forward-jo-biden-said-we-are-sending-force-why-is-the-world-think-about-donald-trump/">Russia-Ukraine

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हजारों घरों में बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है

हालात इतने बदतर हैं कि अस्पतालों में ऑपरेशन टाल दिये गये हैं.   सोमवार शाम से चंडीगढ़ के हजारों घरों में बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक लाइटें काम नहीं कर रही हैं. इससे ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ चुकी है. बिजली कटौती के कारण ऑनलाइन कक्षाएं और कोचिंग संस्थान भी बंद हैं. मोबाइल चार्ज न होने की वजह लोगों को भारी मुश्किल झेलनी पड़ रही है.

चंडीगढ़ प्रशासन हालात को संभालने में पूरी तरह फेल

चंडीगढ़ में जारी बिजली संकट को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इसमें दखल देने की मांग की है. श्री तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ में पिछले 36 घंटे से बिजली नहीं है. हालात बिगड़ चुके हैं. सभी इमरजेंसी सेवाएं ठप होने की कगार पर हैं. चंडीगढ़ प्रशासन हालात को संभालने में पूरी तरह फेल रहा है. चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश है, इसलिए इसमें हस्तक्षेप कर तुरंत हालात ठीक करवायें.

प्रशासन ने एस्मा लगाया

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से व्यवस्था बिगड़ती देख चंडीगढ़ प्रशासन ने एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर दिया. जिसके बाद 6 महीने तक किसी भी तरह की हड़ताल पर पाबंदी लगा दी गयी  है. 30 साल पहले प्रशासन ने 1992 में वाटर सप्लाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर एस्मा लगाया था. हालांकि इसके बावजूद बिजली कर्मी हड़ताल पर अड़े हुए हैं.

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली सेवा ठप है

प्रशासन ने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES), वेस्टर्न कमांड, चंडी मंदिर से मदद मांगी है. वहीं पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से भी सहयोग मांगा जा रहा है. इससे पहले हाईकोर्ट में प्रशासन ने कहा था कि पंजाब ने डेपुटेशन पर कर्मी भेजने में असमर्थता जताई थी. चंडीगढ़ में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली सेवाएं ठप हैं. जिस वजह से सरकारी अस्पतालों में सर्जरी टाली जा चुकी हैं. वहीं PGI भी अलर्ट मोड पर चला गया है, ताकि कोई इमरजेंसी के हालात पैदा न हों. अभी तक शहर के हालात नहीं सुधरे हैं. इसे भी पढ़ें : अंडरवर्ल्ड">https://lagatar.in/ncp-leader-nawab-malik-questioned-on-alleged-links-with-underworld-malik-was-brought-to-ed-office-early-in-the-morning/">अंडरवर्ल्ड

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लोगों के मोबाइल, लैपटॉप, फ्रिज, टीवी, इनवर्टर सब बंद

आधे से ज्यादा शहर अंधेरे में है. लोगों के मोबाइल, लैपटॉप, फ्रिज, टीवी, इनवर्टर आदि सब बंद पड़े हैं. दुकानों में भी लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं. अगर दो दिन और ऐसे हालात झेलने पड़े तो परेशानी हो जायेगी. चंडीगढ़ स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ सुमन सिंह ने कहा, हमारे पास जनरेटर की तरह एक बैकअप योजना है, लेकिन आप एक जनरेटर पर अस्पताल का 100 प्रतिशत भार नहीं डाल सकते हैं. इसलिए, हमें अपनी सर्जरी को स्थगित करना पड़ा.

निजीकरण के विरोध में हड़ताल

बिजली विभाग के निजीकरण का बिजली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं. केंद्र शासित प्रदेश के सलाहकार धर्मपाल ने बिजली कर्मचारी संघ के साथ बैठक कर हड़ताल खत्म करने के लिए राजी किया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को डर है कि निजीकरण से उनकी सेवा शर्तों में बदलाव आएगा और बिजली दरों में बढ़ोतरी होगी. कर्मचारियों की यूनियन अपनी मांग पर अडिग है. वह विभाग का निजीकरण नहीं चाहते. इससे पहले मंगलवार को परेड ग्रांउड सेक्टर 17 के सामने पॉवरमैन यूनियन के प्रदर्शन में कांग्रेस और AAP के नेताओं ने आकर इसे बड़ा रूप दे दिया था. प्रशासन और कर्मचारियों की इस लड़ाई में नियमित रुप से बिजली के बिलों का भुगतान करने वाले शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं. इसे भी पढ़ें :  Ilker">https://lagatar.in/ilker-aycis-erdogan-connection-tata-will-not-be-able-to-appoint-air-india-ceo-doubt-on-getting-green-signal-of-modi-government/">Ilker

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