हेमंत सोरेन ने किया मुंबई में झारखंड भवन का शिलान्यास [caption id="attachment_963340" align="alignnone" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> अस्पताल में भर्ती डायरिया पीड़ित युवक.[/caption] वहीं 37 वर्षीय उत्तम कुमार हांसदा, 24 वर्षीय मंगली माझी और 26 वर्षीय दुबराज हेम्ब्रम का इलाज खूनडीह स्थित घर में ही चल रहा है. इसके पूर्व गांव के तीन पीड़ित अब स्वस्थ हो चुके हैं. खूनडीह के करीब 30 वर्षीय महेश चंद्र माझी, 50 वर्षीय भास्कर माझी और 21 वर्षीय फूलमनी माझी डायरिया से जंग जीतकर अब स्वस्थ हो चुके हैं. तीनों निजी चिकित्सक से अपना इलाज कराए थे. इसे भी पढ़ें : पलामू">https://lagatar.in/palamu-rape-graph-is-not-decreasing-more-than-119-women-raped-in-20-months/">पलामू
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गांव पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी
ईचागढ़ प्रखंड के खूनडीह में डायरिया का प्रकोप फैलने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य कर्मी ईचागढ़ पहुंचे और लोगों की जांच की. टीम ने जरूरतमंदों के बीच आवश्यक दवा का वितरण किया. एएनएम और एमपीडब्ल्यू की टीम ने ग्रामीणों को डायरिया से बचाव के उपाय भी बताए. साथ ही जगह-जगह ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि डायरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो दूषित भोजन व पानी के सेवन से फैलती है. इसे भी पढ़ें : चिराग">https://lagatar.in/chirag-paswan-gets-z-category-security-33-security-personnel-will-be-deployed/">चिरागपासवान को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, तैनात रहेंगे 33 सुरक्षाकर्मी यह बीमारी गंदगी की वजह से भी एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकती है. डायरिया से बचने के लिए स्वच्छ पेयजल व ताजा भोजन के साथ बेहतर स्वच्छता अपनाना होगा. वहीं ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह से गांव में डायरिया का प्रकोप है, जो रविवार की रात से तेजी से अपना पांव पसारने लगा. डायरिया के प्रकोप की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को पहले ही दी जा चुकी है. तबीयत बिगड़ने के बाद भी पीड़ितों को लेने गांव तक एंबुलेंस नहीं गया. सभी को निजी व्यवस्था कर अस्पताल पहुंचाना पड़ा. [wpse_comments_template]
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