- महालया के साथ चौका में शुरू होगा नवदुर्गा महोत्सव, 11 दिनों तक मचेगी धूम
दस दिन ही की जाती है दासायं नृत्य
दासायं नाच आश्विन मास के 11वें दिन (नारात्र के पहले दिन) से शुरू होता है. सभी दासायं नाच वाले लड़के प्रतिपदा के दिन निकलते हैं और दशमी के दिन घर वापस आते हैं. पूरे दस दिनों तक सभी घूम-घूमकर गांवों में दासायं गीत गाते हुए नाचते हैं. इनकी पोशाक साड़ी होती है, जिसे धोती की तरह पहनते हैं. पगड़ी में भी साड़ी का ही इस्तेमाल किया जाता है. पगड़ी, बांह आदि में माराअ पिचार यानी मोर पंख लगाया जाता है. दासायं नाच दासायं महीना यानी अश्विन-कार्तिक माह में ही किया जाता है. इसमें जाने से पहले यानी दसाईं दाड़न करने से पहले पूजा की जाती है.बनी है देवी के नौ रूपों की प्रतिमा
चौका में शारदीय नवरात्र पर आयोजित दुर्गोत्सव के लिए देवी के नौ अलग-अलग रूपों की प्रतिमा बनाई गई है. भव्य व आकर्षक प्रतिमाओं को मंदिर में स्थापित कर नवरात्र के नौ दिनों तक रोज विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी. मंदिर के आगे आकर्षक पंड़ाल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. दुर्गोत्सव को लेकर रविवार को प्रतिपदा के दिन देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की कलश यात्रा निकाली जाएगी. इसके साथ ही श्रीराम कथा पर प्रवचन भी शुरू होगा, जो आने वाले सात दिनों तक रोज दोपहर बाद तीन बजे से होगा. इसके पूर्व रविवार की सुबह पंडाल का विधिवत उदघाटन किया जाएगा. इसे भी पढ़ें – मुख्यमंत्री">https://lagatar.in/chief-minister-unveils-mascot-juhi-and-trophy-of-jharkhand-womens-asian-hockey-champions-trophy/">मुख्यमंत्रीने झारखंड महिला एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के मैस्कॉट जूही और ट्रॉफी का किया अनावरण [wpse_comments_template]
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