: बंद कमरे से मिला युवक का खून से लथपथ शव
आंदोलनकारियों को किया सम्मानित
शहीद धनंजय महतो के आश्रितों के गृह प्रवेश के अवसर पर धनंजय महतो की पत्नी बारी देवी तथा पुत्र उपेन महतो समेत 21 आंदोलनकारियों को हरेलाल महतो ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. सम्मानित होने वालों में बीरेंद्र नाथ महतो, सुषेन महतो, मोहनलाल महतो, शक्तिपद महतो, शिवेश्वर महतो, मनोरंजन महतो, विभूति भूषण महतो, काशीनाथ सिंह मुंडा, निताई महतो, कार्तिक सिंह मुंडा, कमलाकांत महतो, उमाकांत महतो, शांतिराम महतो, योगेंद्र नाथ महतो, सुफल महतो, बृहस्पति महतो, गुरुचरण महतो, बुधु सिंह मुंडा, शिवराम महतो, परेश महतो, चंदन महतो, रिझू महतो आदि शामिल हैं. मौके पर आंदोलनाकरियों ने कहा कि पहले कई सरकार और जनप्रतिनिधियों ने नौकरी व पेंशन देने के नाम पर शहीदों के नाम का सहारा लेकर राजनीति किया, लेकिन किसी ने सम्मान नहीं दिया. इसे भी पढ़ें : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-your-plan-your-government-your-door-program-organized/">सरायकेला: आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन
पीएम आवास भी नहीं दिला पाए जनप्रतिनिधि : बारी देवी
शहीद धनंजय महतो की पत्नी बारी देवी ने कहा कि उनके पति धनंजय महतो के शहादत को 40 साल हो गए, लेकिन किसी भी सरकार, मंत्री, सांसद, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधियों ने किसी प्रकार का सहायता नहीं किया. एक बार तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने गांव - गांव में नौकरी देने का ढिंढोरा पिटवाया था, लेकिन नौकरी नहीं दी. पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने भी नौकरी देने का घोषणा किया था, वो भी नहीं मिला. पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत सुधीर महतो ने भी किसी प्रकार का रोजगार नहीं दिला. वर्तमान विधायक सविता महतो ने भी आजतक उनके परिवार की सुधि नहीं ली. बारी देवी ने कहा कि हरेलाल महतो ने परिवार के लिए पक्का मकान बनवाया. बीते 40 साल से दो कमरे के मिट्टी के घर में रहने को मजबूर थे. सरकार या स्थानीय विधायक ने एक प्रधानमंत्री आवास भी देने का प्रयास नहीं किया और ना पेंशन योजना का लाभ दिलाने की पहल नहीं किया. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-jharkhand-agitation-front-pays-tribute-to-martyr-ajit-mahato-dhananjay-mahato/">चांडिल: झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा ने शहीद अजित महतो – धनंजय महतो को दी श्रद्धांजलि

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