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चांडिल : अपराध मुक्त समाज के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी : भगवान भाई

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Chandil (Dilip Kumar) : कुसंग, व्यसन, सिनेमा और फैशन से युवा पीढ़ी भटक रही है, जिससे वर्तमान समय अपराध बढ़ता जा रहा है. दिन प्रतिदिन समाज में बढ़ती हिंसा एवं अपराध एक चिंतनीय विषय है. नैतिक शिक्षा और आध्यात्मिकता से ही युवा पीढ़ी को सही दिशा मिल सकती है. नैतिक शिक्षा से ही मानवीय मन में रचनात्मक और सकारात्मक चेतना का विकास होता है. नैतिक शिक्षा के द्वारा ही अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है. उक्त बातें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मुख्यालय माउंट आबू से आए राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कही. वे चांडिल स्थित ओमी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में नैतिक शिक्षा का वर्तमान में महत्व विषय पर वक्तव्य दे रहे थे. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-complaint-to-co-for-occupying-government-land/">घाटशिला

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नैतिकता से व्यवहार में आता है निखार

5000 स्कूलों में नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ा कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाले ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहा कि वर्तमान समय में समाज, देश और विश्व में भौतिक विकास तेजी से हो रहा है. भौतिक विकास से समाज विकसित नहीं होता बल्कि नैतिक शिक्षा से मानसिक, बौद्धिक, शारीरिक विकास होगा. उन्होंने कहा कि शिक्षा एक बीज है और जीवन एक वृक्ष हैं जब तक हमारे जीवन रूपी वृक्ष को नम्रता, धैर्यता, भाईचारा, आपसी स्नेह, सत्यता, इमानदारी आदि सद्गुण रूपी फल नहीं आते तबतक हमारी शिक्षा अधूरी है. नैतिकता से हमारे व्यवहार संस्कार में निखार आता है. उन्होंने कहा कि हम विकसित देशों की श्रेणी में शामिल होने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाज में फैली हुई दुर्भावना और हिंसा चिंता का विषय है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-dengue-increasing-in-municipal-corporation-area-memorandum-submitted-to-health-minister/">आदित्यपुर

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सदगुण के बिना शिक्षा अधूरी

स्थानीय ब्रह्माकुमारीज की प्रभारी बीके शिवकन्या बहन ने कहा कि चरित्रवान बनना, विकार, व्यसन-नशा और बुराइयों से स्वयं को मुक्त कर ज्योति या प्रकाश की और असत्यता से सत्य की ओर ले जाए वही सच्चा ज्ञान है. उन्होंने बताया कि जबतक हमारे व्यवहारिक जीवन में परोपकार, त्याग, उदारता, नम्रता, सहनशीलता आदि सद्गुण नहीं आते तबतक हमारी शिक्षा अधूरी है. कार्यक्रम में मानगो ब्रह्माकुमारी कि प्रभारी बीके रूबी बहन ने कहा कि नैतिक शिक्षा से बच्चों में संस्कार आते है. मौके पर प्राचार्या सुमन लता ने कहा कि नैतिक शिक्षा की कमी के कारण मानसिक व शारीरिक बीमारियां हो जाती है और जीवन में रूखापन आता है. कार्यक्रम के अंत में मनोबल बढ़ाने के लिए राजयोग का अभ्यास कराया गया. [wpse_comments_template]

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