: राजस्व को लेकर नगर निगम गंभीर, अगस्त तक 50% राजस्व संग्रह का आदेश
क्या है विस्थापितों की मांगें
सुवर्णरेखा परियोजना के चांडिल डैम प्रशासन द्वारा विस्थापन के बदले दिए गए नौकरी, निर्गत किए गए विकास पुस्तिका, निर्गत किए गए पुनर्वास पैकेज और पुनर्वास स्थल पर अधिग्रहण किए गए प्लॉट का सीबीआई जांच किया जाए, विकास पुस्तिका में अंकितनुसार प्रत्येक विस्थापित परिवार को सरकारी नौकरी दिया जाए या विस्थापितों को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए, सभी विस्थापितों को पूनर्वास के लिए 25 डिसमिल भूखंड दिया जाए, 2012 तक 18 वर्ष पूर्ण होने वाले सभी सदस्यों के नाम विकास पुस्तिका निर्गत किया जाए, परिवार प्रमुख के मृत्यु होने की स्थिति में उनके आश्रितों के नाम विकास पुस्तिका निर्गत किया जाए. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-co-ordered-to-vacate-the-quarter-to-the-occupant-for-30-years/">आदित्यपुर: 30 साल से कब्जा जमाने वाले को सीओ ने दिया क्वार्टर खाली करने का आदेश
विस्थापितों को मिले जमीन का पट्टा
पुनर्वास स्थलों में मूलभूत सुविधाओं का विकास कर वहां बसे विस्थापितों को जमीन का पट्टा दिया जाए, 28 सितंबर 2022 को अनशन के दौरान ट्रैक्टर द्वारा कुचले जाने से घायल हुए व्यक्तियों को मुआवजा और नौकरी दिया जाए, चांडिल डैम के माध्यम से सृजित होने वाले हर योजना, रोजगार और लाभ का पहला अधिकार चांडिल डैम विस्थापित को मिले, वार्ता सार्वजनिक रूप से 116 गांव के प्रतिनिधिमंडल के साथ सिर्फ केंद्रीय टीम या केंद्रीय जल संसाधन विभाग के साथ ही किया जाए और जब तक हमारी मांग पूरी होने तक चांडिल डैम का जल भंडारण 177 मीटर रखा जाए और जलस्तर बढ़ाने से पहले डूब क्षेत्र में सूचना करने की मांग शामिल हैं. इसे भी पढ़ें :चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-dead-body-of-woman-killed-by-elephant-attack-sent-for-postmortem/">चाकुलिया: हाथी के हमले से मृत महिला की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया [wpse_comments_template]
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