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सौ फीट की ऊंचाई से गिरता है झरना
[caption id="attachment_516304" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> प्रकृति का अनुपम उपहार हेंसाकोचा का सोना झरना.[/caption] दाराकोचा स्थित सोना झरना चारों ओर हरे-भरे जंगलों से घिरा हुआ है. यहां करीब सौ फीट की ऊंचाई से झरने का पानी गिरता है. बरसात के समय दाराकोचा स्थित सोना झरना में अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है. शोर-शराबे और प्रदूषण से दूर अनुपम सौंदर्य समेटा सोना झरना बरबस ही लोगों को अपनी और आकर्षित करती है. सोना झरना जलप्रपात चारों ओर पहाड़ों से घिरा होने के कारण उत्तम स्वास्थ्यवर्धक स्थान है. यहां पक्षियों की चहचहाहट सैलानियों का मन मोह लेता है. झरना का पानी बहकर पालना जलाशय पहुंचता है. सोना झरना को अपने उद्धार के लिए किसी तारणहार का इंतजार है. सरकार और पर्यटन विभाग जब राज्य के ऐसे अनुपम सौंदर्य वाले स्थानों का विकास कर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र का विकास कर रही है, तब भी सोना झारना का गुमनाम रहना सरकारी बाबूओं के उदासीनता का परिणाम है. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-fight-between-villagers-of-two-villages-one-woman-and-four-youths-injured/">किरीबुरू
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उदासीनता के कारण नहीं हो सका विकास
झारखंड अलग राज्य बने 22 साल बीत गए, लेकिन राज्य के बेहतरीन सौंदर्य वाले कई स्थलाें का अबतक विकास नहीं हो सका है. सोना झरना तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है. चांडिल प्रखंड के सुदूरवर्ती हेंसाकोचा पंचायत के दाराकोचा स्थित सोना झरना पहुंचने के कई रास्ते हैं. टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बड़ामटांड से करीब 12 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में स्थित सोना झरना जाने के लिए पालना, हेंसाकोचा के रास्ते भी पहुंचा जा सकता है. वहीं चौका-कांड्रा सड़क पर स्थित दुलमी से हेंसाकोचा होते हुए और खूंटी से मुसरीबेड़ा, हेंसाकोचा होते हुए भी सोना झरना तक पहुंचा जा सकता है. सभी सड़कें उत्क्रमित उच्च विद्यालय हेंसाकोचा तक पक्की है. इसके बाद से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित सोना झरना तक जाने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है. सुगम सड़क नहीं रहने के कारण दो पहिया वाहन से जाना भी दूभर हो जाता है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-people-of-sangharsh-samiti-met-raghuvar-das/">आदित्यपुर: रघुवर दास से मिले संघर्ष समिति के लोग
पर्यटन स्थल के रूप में विकसीत हाेने पर मिलेगा रोजगार
[caption id="attachment_516305" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="150" /> प्रकृति का अनुपम उपहार हेंसाकोचा का सोना झरना.[/caption] सोना झरना को पर्यटन स्थल के रूप में विकसीत करने से जहां क्षेत्र का विकास होगा वहीं सरकार को भी राजस्व मिलेगी. पर्यटन स्थल के रूप में हेंसाकोचा के टोला दाराकोचा के विकसीत होने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा. वैसे सोना झरना के विकास नहीं होने का एक कारण हेंसाकोचा का अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र होना भी है. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा का पर्याप्त इंतजाम नहीं रहने के कारण लोग वहां जाने से संकोच करते हैं. हेंसाकोचा क्षेत्र में लोगों के पास रोजगार का कोई साधन नहीं है. क्षेत्र में अब नक्सलवाद भी धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है. ऐसे में दाराकोचा में पर्यटन के क्षेत्र में विकास का असीम संभावना है. इसे भी पढ़ें :पाकिस्तान">https://lagatar.in/pakistan-imran-khan-has-been-a-playboy-accepted-the-truth-in-front-of-media-persons/">पाकिस्तान
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