Chandil (Dilip Kumar) : झारखंड का पर्व-त्योहार हर वर्ग के लोगों के लिए अनोखा होता है. वैसे देश में रोज किसी न किसी क्षेत्र में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है. इसी कड़ी में गुरुवार को नीमडीह प्रखंड में आदिवासी लोक सांस्कृतिक का ऐतिहासिक पीठा छांका मेला का आयोजन किया गया. इसमें चौड़ल के साथ टुसू प्रतिमा व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम जहां आकर्षण का केंद्र रहा. वहीं, मेला का मुख्य आकर्षण खौलते हुए गरम तेल से पीठा उठाना रहा. खौलते गरम तेल से हाथों से पीठा उठाना आस्था की मिसाल पेश करता है. इसे भी पढ़े : चाय">https://lagatar.in/truck-crushed-the-person-returning-after-drinking-tea-died-on-the-spot/">चाय
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परंपरा को जीवित रखने का किया जा रहा प्रयास
झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के लगभग 50 हजार से अधिक मेला प्रेमियों ने पीठा छांका मेला का आनंद उठाया. मेला में टुसू प्रतिमा लेकर टुसू प्रेमियों का नृत्य एवं अक्षय मानभूम डांस धमाका की शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम से मेला में पहुंचे लोग झूमते रहे. मेला कमेटी के अध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि पूर्वजों से चले आ रहे इस मेला की संस्कृति व परंपरा को जीवित रखने का प्रयास किया जा रहा है. यह मेला आस्था की मिसाल को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि मेला, त्योहार, प्रकृति की पूजा ही आदिवासियों की प्राचीन संस्कृति है और प्रकृति की संरक्षण का संदेश है. इसे भी पढ़े : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-formation-of-assembly-level-preparation-committee-regarding-khatiandhari-johar-yatra/">घाटशिला: खतियानधारी जोहार यात्रा को लेकर विधानसभा स्तरीय तैयारी समिति का गठन