Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के आसनबनी स्थित अमूल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ने इस वर्ष मजदूरों को बोनस नहीं देने की घोषणा की है. इसके बाद मजदूरों ने हड़ताल करने की घोषणा कर दी. मजदूर कंपनी प्रबंधन से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बोनस देने और मजदूरों को मिलने वाली सभी सुविधाएं पूर्व की भांति मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं. कंपनी के मजदूरों की हड़ताल करने की सूचना मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य के पति सह पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश लायेक, समाजसेवी दिलीप महतो, पूर्व उप प्रमुख प्रबोध उरांव, उप मुखिया प्रदीप महतो कंपनी पहुंचे और मजदूरों के समर्थन में धरना पर बैठ गए. जानकारी के अनुसार शुक्रवार को कंपनी के निदेशक ने मजदूरों को बोनस नहीं देने की बात कही थी. इसके बाद शनिवार को मजदूर संगठित होकर कंपनी पहुंचे और हड़ताल करते हुए कंपनी का काम ठप कर दिया. [caption id="attachment_408951" align="aligncenter" width="1280"]

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alt="" width="1280" height="720" /> धरना पर बैठे कंपनी के मजदूर.[/caption]
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वर्ष 2006 से संचालित कंपनी में मजदूरों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में कटॉती की जा रही है. इसके साथ मजदूरों को मिलने वाली सभी प्रकार की सुरक्षा उपकरण अब नहीं दिया जा रहा है. मजदूरों का कहना है कि जब से नए निर्देशक की नियुक्ति हुई है तब से आठ के बजाय 12 घंटे मजदूरी कराया जाता है. इस दौरान मजदूरों को खाना खाने के लिए भी प्रर्याप्त समय नहीं दिया जाता है. मजदूरों का सही ढंग से पीएफ व ईएसआई भी जमा नहीं किया जाता है. मजदूरों ने बताया कि कंपनी में कार्यरत मजदूरों को हाजिरी रजिस्टर के बजाय सामान्य खाता में बनाया जाता है.
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से मुलाकात कर कर्मचारियों ने जताया आभार, CM का मोदी सरकार पर तंज स्थानीय लाेगों को कंपनी से किया जा रहा बाहर
हड़ताली मजदूरों ने कहा कि झारखंड सरकार के आदेश के तहत कंपनी में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देना होगा. लेकिन कंपनी में इस निगम को ताक में रखकर स्थानीय मजदूर को काम से बाहर निकाला जा रहा है और बाहरी लोगों को कार्य में रखा जा रहा है. ऐसे में स्थानीय मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है. कंपनी में कार्यरत मजदूरों ने शोषण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने की घोषणा की. धरनास्थल से ही समाजसेवी दिलीप महतो ने अमूल क्रेंक कंपनी के निदेशक धर्मेंद्र दास से फोन पर बात की तो उन्होंने अत्यंत व्यस्त होने की बात कहते हुए बाद में बात करने के लिए कहा. [wpse_comments_template]
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