- चतरा बीएड कॉलेज में ‘भारतीय संस्कृति में नारी का अतीत और भविष्य’ पर सेमिनार
Chatra News : चतरा कॉलेज के बीएड विभाग में गुरुवार को ‘भारतीय संस्कृति में नारी का अतीत और भविष्य’ विषय पर सेमिनार हुआ. प्रशिक्षुओं ने इसमें भाग लेकर नारी की बदलती सामाजिक स्थिति, भारतीय सभ्यता में उसके योगदान और महिला सशक्तीकरण की आवश्यकता पर बेबाकी से अपने विचार रखे.
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वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति के निर्माण और विकास में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है. शिक्षा, साहित्य, कला, दर्शन, सामाजिक जीवन और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, साहस, त्याग और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है. बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. नन्द किशोर ने विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक आयोजनों का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में सामाजिक संवेदनशीलता, तार्किक चिंतन और समानता की भावना विकसित करना है.
उन्होंने कहा कि नारी की ऐतिहासिक विरासत को समझते हुए वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार करना समय की मांग है. महिलाओं को समान अवसर और सम्मान दिए बिना विकसित समाज और विकसित भारत की परिकल्पना अधूरी है. नारी के गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर समानता और सशक्तीकरण पर आधारित भविष्य का निर्माण करना ही इस आयोजन की प्रमुख सीख है.
शिक्षकों ने भी भारतीय संस्कृति में नारी के अतीत, वर्तमान और भविष्य के संबंधों को समझने और सामाजिक परिवर्तन में महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की. सेमिनार में कॉलेज के शिक्षा शास्त्र विभाग (बीएड) के प्रो. प्रेम बसंत बाखला, डॉ. ग्लोरिया ग्रेस होरो, डॉ. मो. मुमताज़ अंसारी, डॉ. कंचन सोय मुरूम, प्रो. अमित कुमार सिंह व प्रो. शोभा कुजूर सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे.
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