Chatra News: चतरा जिले के अलग-अलग थानों समेत विभिन्न मोर्चे पर दिन-रात ड्यूटी करने वाले 248 सहायक पुलिसकर्मियों की नौकरी पर संकट के बादल गहरानें लगे हैं. यूं कहें तो चतरा जिला समेत झारखंड के अलग-अलग जिलों में तैनात लगभग 2400 सहायक पुलिसकर्मियों का अनुबंध 6 अक्टूबर को समाप्त होने जा रहा है.
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झारखंड सहायक पुलिस एसोसिएशन, चतरा जिला इकाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार को चेताया है कि यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अनवरत आंदोलन और राज्य संघ के आह्वान पर रांची जाकर मुख्यमंत्री आवास तक का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे.
एसोसिएशन के चतरा जिला अध्यक्ष उज्जवल सिंह ने दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि पिछले 9 वर्षों से चतरा समेत अन्य जिलों में तैनात सहायक पुलिस के जवान बिना किसी विशेष सुविधा के राज्य की कानून-व्यवस्था, नक्सल अभियान, चुनाव, ट्रैफिक और पर्व-त्योहारों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा दे रहे हैं.
सहायक पुलिस संघ ने इसे लेकर मुख्यमंत्री समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को चार सूत्री मांग पत्र भी भेजा है. मांग पत्र में झारखंड सहायक पुलिस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक कोई स्थायी निर्णय नहीं होता, तब तक किसी भी कर्मी को सेवा से न हटाया जाए. एसोसिएशन ने सरकार के समक्ष सहायक पुलिस के अनुबंध का अविलंब नवीनीकरण करने, विगत 9 वर्ष की सेवा को देखते हुए कर्मियों का नियमितीकरण की मांग की है.
संघ के चतरा जिला अध्यक्ष उज्जवल सिंह ने चतरा पुलिस के अकाउंट विभाग के कर्मियों पर मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है. उज्जवल सिंह ने कहा कि दूसरे जिलों में सहायक पुलिसकर्मियों को अगस्त और सितंबर माह के मानदेय का भुगतान हो चुका है.
इसके विपरीत, चतरा में अकाउंट डिपार्टमेंट के लोग अपनी मनमानी कर रहे हैं, जिससे जवानों के सामने ड्यूटी करने के बाद भी गहरा आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. जिला अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी से मामले में हस्तक्षेप कर सहायक पुलिसकर्मियों का बकाया मानदेय भुगतान करानें की मांग की है. जिला अध्यक्ष ने अन्य जिलों में सहायक पुलिसकर्मियों के खातों में हुए दो महीने के मानदेय भुगतान का स्क्रीनशॉट भी जारी किया है.
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