- नाबालिग व उसकी मां पर आधी रात को हुआ था एसिड अटैक
- झुलसी बच्ची को सरकार ने एयर लिफ्ट कर भेजा था दिल्ली एम्स
- पीड़िता के इलाज का सारा खर्च उठाएगी सरकार
Chatra News : चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के चर्चित एसिड अटैक मामले में करीब चार वर्ष बाद अदालत ने फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी संदीप भारती को उम्रकैद की सजा सुनाई है. विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अमरेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को सजा सुनाई. उस पर चार लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है. संदीप भारती हंटरगंज के बेला गांव का रहने वाला है.
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प्रभारी लोक अभियोजक अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत कुल 18 गवाहों की गवाही दर्ज की गई. सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने 25 सितंबर को संदीप भारती को दोषी करार दिया था. सोमवार को उसे सजा सुनाई गई. संदीप हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद है. फैसला सुनाने के दौरान कोर्ट में उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई.
पीड़िता का झूलस गया था 80 से 90% शरीर
प्रभारी लोक अभियोजक ने बताया कि अगस्त 2022 में आरोपी ने पीड़िता के घर में घुसकर सो रही नाबालिग बच्ची और उसकी मां पर तेजाब से हमला किया था. हमले में मां आंशिक रूप से झुलस गई, जबकि नाबालिग का 80 से 90 प्रतिशत शरीर झुलस गया था. गंभीर हालत में उसे हंटरगंज में प्राथमिक उपचार के बाद एमएमसीएच, गयाजी रेफर किया गया था.बाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर बेहतर इलाज के लिए उसे एयरलिफ्ट कर एम्स, दिल्ली भेजा गया था, जहां उसका इलाज अभी भी जारी है.
दबाव बनाने के नियत से दिया था घटना को अंजाम
आरोपी को सजा सुनाए जाने के बाद प्रभारी लोक अभियोजक अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घटना से पहले भी पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत हंटरगंज थाना में मामला दर्ज कराया था. उस मामले में पीड़िता ने उस पर बहला-फुसलाकर ले जाकर यौन उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया था. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जमानत पर छूटने के बाद उसने केस वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से पीड़िता के घर पहुंचकर एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया. घटना के बाद 5 अगस्त 2022 को हंटरगंज थाना में पुनः प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
पीड़िता को मिलेगी जुर्माना की राशि
प्रभारी लोक अभियोजक ने बताया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी, वहीं न्यायालय के निर्देशानुसार उसके इलाज का सारा खर्च सरकार वहन करेगी. इसके अलावा सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़िता को अलग-अलग योजनाओं का लाभ भी देने का निर्देश सरकार को दिया गया है. ताकि पीड़िता के आश्रितों के साथ-साथ उसे परेशानी न हो. सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम यादव ने अभियोजन पक्ष को सहयोग किया.
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