Ranchi: सब-जज को ठगने वाले वकीलों सहित तीन के खिलाफ जिला बदर करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. गिरिडीह के उपायुक्त ने सब-जज द्वारा की गयी शिकायत के आलोक में प्रक्रिया शुरू की है. जिन के खिलाफ जिला बदर करने की कार्रवाई शुरू की गयी है उसमें बबलू अंसारी, सद्दाम अंसारी और सरफराज का नाम शामिल है. बबलू और सद्दाम पेशे से वकील भी हैं. इन लोगों पर जमीन के नाम पर सब-जज से पांच लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है.
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जानकारी के मुताबिक सब-जज नईम अंसारी की शिकायत पर गिरिडीह के उपायुक्त ने Crime Control Act 2002 (CCA) की धारा 3 और 12 के तहत केस नंबर 2/2026 शुरू की. राज्य सरकार बनाम बबलू अंसारी व अन्य के खिलाफ शुरू हुए इस मुकदमे में 15 सितंबर को उपायुक्त की अदालत में हाजिर हो कर अपना पक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था.
उपायुक्त के न्यायालय द्वारा जारी नोटिस के आलोक में तीनों ने 25 सितंबर को हाजिर होकर अपना-अपना पक्ष पेश किया. इन तीनों ने जमीन खरीद बिक्री के नाम पर सब-जज से उस वक्त ठगी की थी, जब वह गिरिडीह मे पदस्थापित थे. सब-जज ने इन तीनों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करायी थी. इसके अलावा उस महिला ने भी इन तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है, जिस महिला के जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सब-जज को बेचने के नाम पर पांच लांख रुपये की ठगी की गयी.
सब-जज नईम अंसारी ने जुलाई 2026 में गिरिडीह के उपायुक्त को पत्र लिख कर जमीन खरीद बिक्री के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ CCA की धारा 3 और 15 के तहत जिला बदर करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया था. उपायुक्त को लिखे गये पत्र में उन्होंने कहा था कि बबलू अंसारी उर्फ बबलू गांधी, सरफराज अहमद और और मुहम्मद सद्दाम तीनों भाई है. इनके पिता का नाम मकबूल अंसारी है. तीनों भाई संगठित अपराधी और असामाजिक तत्व हैं. यह लोग अपने आस-पास के गरीब और कमजोर लोगों की जमीन पर कब्जा कर अंचल कार्यालय और रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों के सहयोग से ज़मीन का फर्जी दस्तावेज तैयार करते हैं. फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन की बिक्री कर नाजायज तरीके से पैसा कमाते हैं.
उल्लेखनीय है कि गिरिडीह में उनके पदस्थापन के दौरान मौजा भंडारीडीह की एक जमीन (खाता नंबर 17, प्लॉट नंबर 443, रकबा) को अपना बता कर उसने बेचने का प्रस्ताव रखा. एकरारनामा किया और पांच लाख रुपये लिया. जमीन से जुड़े मामले की जांच पड़ताल के दौरान यह पाया गया कि इन लोगों ने दूसरे की जमीन का फर्जी दस्तावेज बना कर बेचने की कोशिश की थी. जालसाजी का पता लगने के बाद इन लोगों के खिलाफ गिरि़डीह नगर थाने में प्राथमिकी (4/2026) दर्ज करायी गयी.
उपायुक्त को भेजे गये पत्र में सब-जज ने यह भी लिखा है कि इन लोगों के 50-60 लोगों का एक ग्रुप है. इसमें महिलाएं भी शामिल है. ग्रुप के इन्हीं सदस्यों में से किसी के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन खरीद बिक्री के नाम पर लोगों को ठगा जाता है.


