Search

 
 
 

चतरा टेरर फंडिंग केस : सुभान मियां को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत

Ranchi News :  18 अगस्त को NIA की विशेष अदालत ने इस मामले में 12 दोषियों को सजा सुनाई थी. इन्हें 8 से 10 साल तक की सजा सुनाई गई थी. साथ ही उनपर 40 हजार रुपए से लेकर 90 हजार रुपए तक का जुर्माना भी लगाया गया था. मामले में बीते दिन सात सजायफ्ताओं को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी.
 
हाईकोर्ट
  • अभियुक्त को 8 साल की मिली है सजा

Ranchi News :  चतरा के टंडवा स्थित मगध व आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में सजा काट कर रहे मुजरिम सुभान मियां को झारखंड हाईकोर्ट ने राहत दी है. अदालत ने सुभान मियां की ओर से दायर जमानत के लिए दायर अंतरिम आवेदन (IA) पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दे दी है. 

 

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. सुभान मियां ने हाईकोर्ट में अंतरिम आवेदन (IA) दाखिल कर जेल में साढ़े छह साल से अधिक समय बिताये जाने का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई थी. NIA की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा.  

 

इसे भी पढ़ें

12 दोषियों को सुनाई गई थी 8 से 10 साल की सजा

बता दें कि 18 अगस्त को NIA की विशेष अदालत ने इस मामले में 12 दोषियों को सजा सुनाई थी. इन्हें 8 से 10 साल तक की सजा सुनाई गई थी. साथ ही उनपर 40 हजार रुपए से लेकर 90 हजार रुपए तक का जुर्माना भी लगाया गया था. मामले में बीते दिन सात सजायफ्ताओं को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. 

 

एनआईए ने केस किया था टेकओवर

दरअसल, टेरर फंडिंग से जुड़े केस में रांची की एनआईए की विशेष अदालत में ट्रायल चल रहा था. एनआईए ने टंडवा थाना में दर्ज कांड संख्या 2/2016  को 13 फरवरी 2018 को टेकओवर किया था. अनुसंधान के बाद एनआईए ने मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जो ट्रायल फेस कर रहे थे.  

 

जांच में टीपीसी को फंड देने की पुष्टि

एनआईए ने जांच के दौरान यह पाया है कि सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी व शांति समिति के बीच समन्वय से टेरर फंडिंग हो रही थी. जांच से यह भी पुष्टि हुई कि 'तृतीय प्रस्तुति समिति' (TPC) को फंड मुहैया कराया जा रहा था. जांच में यह भी बात सामने आई है कि टीपीसी को लेवी देने के लिए ही ऊंची दर पर मगध और आम्रपाली प्रोजेक्ट से कोयला ढुलाई का ठेका लिया गया था.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही