PT EXAM : रांची में 56 केंद्रों पर होगी परीक्षा, 26054 छात्र होंगे शामिल)
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला रखा था सुरक्षित
बता दें कि 18 मई को हुई सुनवाई के दौरान छवि रंजन के अधिवक्ता ने कोर्ट से आग्रह किया था कि उन्हें सप्ताह में दो दिन परिवारवालों से मिलने दिया जाये. जिसपर ED के विशेष लोक अभियोजक शिव प्रसाद उर्फ काका जी ने पुरजोर विरोध किया था, उन्होंने यह दलील दी थी कि न्यायिक हिरासत में रह रहे किसी भी व्यक्ति को विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए. जब तक आरोपी जेल में है, उसे जेल मैनुअल के मुताबिक ही सुविधा मिलती है. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने छवि रंजन की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसे भी पढ़ें : रिम्स">https://lagatar.in/the-dilapidated-buildings-of-rims-are-inviting-accidents-the-roof-of-hostel-number-4-collapsed/">रिम्सके जर्जर भवन दे रहे हादसों को आमंत्रण, हॉस्टल नंबर 4 की छत टूट कर गिरी [wpse_comments_template]
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