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रोजगार सृजन और पेट्रोल पर सब्सिडी योजनाओं की खराब स्थिति से दुखी हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

Ranchi :  झारखंड में लोगों के रोजगार और महंगाई से राहत देने के लिए हेमंत सोरेन सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. योजनाओं के शुरू करने का मकसद यही है कि लोगों को राहत मिले. लेकिन योजनाओं की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री काफी दुखी हैं. ऐसी योजनाओं में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, पेट्रोल पर सब्सिडी योजना शामिल हैं. बीते दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में रोजगार सृजन योजना की स्थिति का पता चला था. वहीं, पेट्रोल सब्सिडी मामले में लगातार गिरते आंकड़ों को देखते हुए भी सीएम दुखी हैं.

एक वर्ष में भी रोजगार सृजन में नहीं दिखा है आशानुरूप परिणाम

विभागीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोजगार सृजन योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का काम करें. इस योजना के लागू हुए एक वर्ष से ज्यादा समय हो गया है. पर उम्मीद के अनुरूप परिणाम नहीं दिख रहा है. जरूरी है कि योजना का लाभ बड़े पैमाने पर देने की दिशा में काम हो. मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना 2021-22 के तहत 3853 लोगों को लाभ पहुंचाया गया है. इसमें अनुसूचित जनजाति के 1672, अनुसूचित जाति के 682, पिछड़ा वर्ग के 1180, दिव्यांग के 70 एवं 249 अल्पसंख्यक लोगों ने स्वरोजगार हेतु लोन का आवेदन दिया. सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीएम इसे लेकर काफी चिंतित दिखे थे. इसे भी पढ़ें -तीन">https://lagatar.in/jharkhand-news_-dvc-will-do-power-distribution-and-revenue-collection-work-in-7-districts-in-three-months/">तीन

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जानकारी के अभाव में लोग नहीं ले रहे पेट्रोल पर सब्सिडी

बढ़ती महंगाई को देखते हुए 26 जनवरी 2022 से राज्य में पेट्रोल पर सब्सिडी योजना की शुरूआत हुई है. योजना के अंतर्गत सरकार टू व्हीलर के लिए पेट्रोल पर 25 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी दे रही है. लेकिन आश्चर्य है कि इस सब्सिडी को लेने वालों की संख्या झारखंड में पेट्रोल की कीमत बढऩे के साथ ही घटती जा रही है. जनवरी में राज्य में पेट्रोल सब्सिडी लेने वालों की संख्या 1.15 लाख थी, जो मार्च आते-आते घटकर महज 23,705 रह गई है. पेट्रोल सब्सिडी लेने वालों की संख्या में कमी के अनेक कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ी वजह लोगों में जानकारी का अभाव है. इसे लेकर भी मुख्यमंत्री काफी चिंतित हैं. उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने का सख्त निर्देश दिया है. इसे भी पढ़ें - असिस्टेंट">https://lagatar.in/assistant-engineer-appointment-case-high-court-said-if-the-reply-is-not-given-on-time-then-the-appointment-process-will-be-stopped/">असिस्टेंट

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