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झारखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना तय लक्ष्य से पीछे

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Ranchi: झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार पशु-पक्षी पालन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना चला रही है. इसके तहत बकरे, सुकर, कुक्कुट, ब्रॉयलर कुक्कुट, बत्तख आदि के पालन में सहयोग कर रही है.पशुधन विकास योजना में अब 90 प्रतिशत तक अनुदान देने की व्यवस्था की गई है. राज्य की एक बड़ी आबादी पशु-पक्षियों, मवेशियों का पालन करके अपनी आजीविका चला रही है, और उसमें उन्हें सरकारी सहायता भी मिल रही है. लेकिन आवेदन के बाद होने वाली लंबी प्रक्रिया पशुपलकों को निराश भी कर रही है. समय पर योजना मद की राशि उपल्बध नहीं होने के कारण आपने ही लक्ष्य से झारखंड पीछे चल रहा है. वर्तमान समय में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लक्ष्य को पूरा किया जा रहा है. वहीं विभाग 2022-23 के लिए भौतिक लक्ष्य का निर्धारण कर रही है. जिसे पूरा होने में 2 साल लग जाएंगे. मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना 2021-22 का लक्ष्य के तहत बकरी पालन,सूकर पालन, ब्रायलर, बैकयैर्ड मुर्गी पालन के लिए क्रमशः 8224,1425,1664,687,17148 पशुपालकों को अनुदान पर पशु दिया जाना है. इसे पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-02-jan-2023-jharkhand-news-updates/">शाम

की न्यूज डायरी।।02 JAN।।बच्चों को साइकिल और टैब कब ?।।कहां गटक गए 52 लाख की शराब।।33 पुलिस कर्मियों को मेडल।।नीतीश ने जोड़े हाथ।।नोटबंदी को सुप्रीम कोर्ट ने बताया सही।।समेत कई खबरें और वीडियो।।
पशुपालन निदेशक ने पशुपालकों को लाभ देने की रणनीति में बदलाव लाया है. पूर्व के सालों में पशुपालको के खाते में अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यान से भेजी जाती थी. उस राशि का उपयोग पशुपालक अन्य कामों में कर लेते थे. लेकिन वर्तमान व्यवस्था के तरह पशुपालकों का एस्क्रो खाते खोले गए हैं. सरकारी अनुदान का लाभ वैसे पशुपालकों को वर्तमान प्रवधान के तरह मिलेगा, जिसका योजना में चयन किए जाने के बाद आपने अंशदान खाते में जमा कर दिया हो, विभाग अंशदान जमा करने वाले किसानों को ही प्रशिक्षण देने पर काम कर रहा है. साथ ही उनका ही मनरेगा के तरह शेड निर्माण की स्वीकृति मिलती है. इस योजना के तहत राज्य के किसानों को 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है. इस योजना के लिए प्रदेश सरकार ने करीब 40 करोड़ रुपये का बजट रखा है. मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत गौ पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, बत्तख पालन, सूकर पालन आदि को शामिल किया गया है. इसे भी पढ़ें- पत्‍नी">https://lagatar.in/the-wife-was-beaten-to-death-the-villagers-caught-the-accused-and-handed-them-over-to-the-police/">पत्‍नी

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पशुपालन निदेशक शशि प्रकाश झा ने क्या कहा

राज्य सरकार किसानों की आय वृद्धि के लिए पशुपालन को बढ़वा देने का काम कर रही है. सरकार की ओर से पशुपालकों को इसके लिए राज्य में 90 प्रथिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. योजना को लेकर पशुपालक काफी उत्साहित हैं. निदेशालय परिसर में 24 से 31 जनवरी तक मेला भी लगेगा.

कितने लोगों को मिला मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का लाभ

लक्ष्य मिला                             अनुदान - बकरी पालन                         8224 573 -सूकर पालन                          1425 83 -ब्रायलर मुर्गी                          1646 175 -बैकयैर्ड मुर्गी                           687 53 -बत्तख                                  17148 6849 [wpse_comments_template]
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