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प्रेम, शांति व बाईबल संदेश के साथ मनाया गया क्रिसमस

क्रिसमस पर्व के अवसर पर चर्चों में प्रेम शांति का महौल देखने को मिला.इस मौके पर एक दूसरे को क्रिसमस का बधाई दिए.एक दूसरे से गले मिले.तीन चरणों में चर्चो में विनती हुई
 
  • -क्रिसमस जलसा नहीं, जीवन में मसीह को स्थान देने का पर्व-जॉनसन लकडा 

Ranchi : क्रिसमस पर्व के अवसर पर चर्चों में प्रेम शांति का महौल देखने को मिला.इस मौके पर एक दूसरे को क्रिसमस का बधाई दिए.एक दूसरे से गले मिले.तीन चरणों में चर्चो में विनती हुई.सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक यीशु जन्म पर्व पर विशेष विनती आयोजित किए गए.इस दौरान पुरूलिया रोड स्थित संत मारिया महागिरजा चर्च में प्रभु यीशु और माता मरियम के समीप विश्वासियों ने कैंडल जलाकर प्रेम और शांति का आशिष मांगा. सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग विनती और प्रार्थना के लिए चर्चों में जुटने लगे थे.

 

व्यक्ति को अपने हृदय को प्रभु के चरणों की चरनी बनाना चाहिए

जीईएल चर्च के बिशप जॉनसन लकड़ा ने क्रिसमस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल उत्सव या दिखावे का माध्यम नहीं है, बल्कि मनुष्य के जीवन में यीशु मसीह को स्थान देने का संदेश है.प्रत्येक व्यक्ति को अपने हृदय को प्रभु के चरणों की चरनी बनाना चाहिए और अपने कार्य व व्यवहार से दूसरों के जीवन में क्रिसमस की सच्ची बधाई देनी चाहिए.

 

मनुष्य को पापों से बचाने और नया जीवन देने आए प्रभु यीशु- पुरोहित

सीएनआई चर्च के पुरोहित जोलजस कुजूर ने कहा कि यीशु मसीह का जन्म सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए हुआ है. वे केवल घटना नहीं, बल्कि संसार को पापों से मुक्त कराने के रूप में उद्धारकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि मानव इतिहास में करोड़ों लोग जन्मे, लेकिन पूरी मानवता के उद्धार के लिए जन्म लेने वाले केवल प्रभु यीशु ही हैं.प्रभु यीशु पापियों को नष्ट करने नहीं, बल्कि मनुष्य को पापों से बचाने और नया जीवन देने आए है. परमेश्वर की दृष्टि में हर जीवन अनमोल है.उसी जीवन की रक्षा के लिए प्रभु का धरती पर अवतरण हुआ  है.

 

 

 

 

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