Hazaribagh News: जिले के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन का खेल लगातार सामने आ रहा है. सीआईएसएफ और सीसीएल की सुरक्षा टीमों की कार्रवाई में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला और वाहन पकड़े जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
4 अक्टूबर को चरही थाना क्षेत्र के इंद्रा ग्राम स्थित तापिन परियोजना में सीआईएसएफ और सीसीएल की संयुक्त टीम ने ड्रोन से निगरानी के बाद छापेमारी कर 129.730 टन अवैध कोयला बरामद किया. इसकी कीमत करीब 3.13 लाख रुपये बताई गई है. बड़ी मात्रा में कोयला जमा होने के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली, यह सवाल लगातार उठ रहे हैं.
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वहीं बड़कागांव थाना क्षेत्र के सेहदा-चपरी-जोराकाठ समेत अन्य इलाकों में भी अवैध कोयले के भंडारण और परिवहन के मामले सामने आते रहे हैं. कई बार कोयला लदे वाहन भी पकड़े गए हैं.
खास बात यह है कि 30 सितंबर को हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने बड़कागांव थाना के निरीक्षण के दौरान कोयला तस्करी रोकने और खनन क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद कुछ ही दिनों में बड़ी मात्रा में अवैध कोयला बरामद होना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है.
हालांकि बिना जांच पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाना उचित नहीं होगा, लेकिन लगातार हो रही बरामदगी के बीच सूचना तंत्र और रात्रि गश्ती की प्रभावशीलता की समीक्षा जरूरी है. अब जरूरत सिर्फ कोयला जब्त करने की नहीं, बल्कि कोयले के स्रोत से लेकर उसे खरीदने और खपाने वाले पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की है.
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