Lagatar Desk
10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं को बीच रास्ते ट्रेन से उतारने या हिरासत में लेने की खबरें आ रही हैं. छात्र संगठनों व सीजेपी ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस व राज्यों की पुलिस नहीं चाहती कि छात्र दस अक्टूबर को जंतर-मंतर पर पहुंचे. हालांकि राज्यों की पुलिस ने इस खबरों का खंडन किया है.
प्रदर्शन को लेकर Live कवरेज
कहां-कहां की खबरें
इटारसी (मध्य प्रदेश): पुणे से दिल्ली जा रहे AISF के छात्रों को मध्य प्रदेश पुलिस और GRP ने इटारसी स्टेशन पर ट्रेन से उतार लिया. AISF का दावा है कि करीब 22 महिला छात्र थीं, जिनमें पुणे समन्वयक श्रावणी बुवा और प्रीति लोंधे शामिल थीं. इन्हें होटल या रिसॉर्ट जैसी जगह ले जाया गया. एक अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक CJP के 12 से 15 कार्यकर्ताओं (पुरुष और महिला) को भी इटारसी पर ही उतारा गया है. नई दुनिया के अनुसार ये गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे, सीजेपी ने पुलिस द्वारा महिलाओं के साथ बदतमीजी का आरोप भी लगाया गया है.
भुसावल (महाराष्ट्र, जलगांव): AISF का आरोप है कि पुणे से दिल्ली जा रही गोवा एक्सप्रेस जब भुसावल पहुंची, तो GRP ने डिब्बे में घुसकर छात्रों को जबरन उतारने की कोशिश की. हिन्दुस्तान टाईम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का नेतृत्व इंस्पेक्टर गोविंद पाठक और महिला अधिकारी मिनाल तायडे कर रहे थे.
भोपाल: CJP का आरोप है कि तेलंगाना के चार कार्यकर्ता (स्टेनली, रंगसाई, राजेश, वेंकी) दिल्ली जा रही ट्रेन से 8 अक्टूबर को भोपाल में उतारे गए.
ग्वालियर: CJP के अनुसार आंध्र प्रदेश के तीन कार्यकर्ता (बाबा फखरुद्दीन, बी वेंकटेश, रंजीत राजीव) ग्वालियर पर ट्रेन से उतारे गए.
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