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जल जंगल जमीन के दावे फेल, राज्य में आदिवासियों की जमीन असुरक्षित : बाबूलाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राजधानी में CNT एक्ट की लगातार अवहेलना और आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
 

Ranchi :   नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राजधानी में CNT एक्ट की लगातार अवहेलना और आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 

 

बीजेपी नेता ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी प्रशासन जमीन पर दखल दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है. अरगोड़ा अंचल में महतो उरांव की 1.19 एकड़ जमीन को चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें दखल नहीं मिल सका है, जो बेहद चिंताजनक है. 

 

मरांडी ने आरोप लगाया कि रांची सहित पूरे राज्य में आदिवासी भूमि पर सत्ताधारी नेताओं, बिल्डरों और प्रभावशाली लोगों द्वारा CNT एक्ट का उल्लंघन कर अवैध कब्जा किया जा रहा है. इन जमीनों पर अपार्टमेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक निर्माण खड़े किए जा रहे हैं. 

 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक तरफ जल, जंगल, जमीन की बात की जाती है. वहीं दूसरी तरफ दुमका, रांची, रामगढ़, धनबाद और जमशेदपुर जैसे इलाकों में आदिवासियों की जमीन पर लगातार कब्जे के मामले सामने आ रहे हैं.

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी जमीन हड़पने की जो प्रवृत्ति पहले शुरू हुई थी, वह अब व्यापक रूप ले चुकी है. चाहे आदिवासी भूमि हो, आवास बोर्ड की जमीन हो या गैर-मजरुआ भूमि, हर जगह अवैध कब्जे का खेल चल रहा है.

 

बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि महतो उरांव को उनकी जमीन पर विधिसम्मत अधिकार दिलाया जाना चाहिए.

 

साथ ही पूरे राज्य विशेषकर रांची में आदिवासी जमीन पर कब्जा करने वाले माफियाओं और प्रभावशाली तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए.

 

 

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