- जे-गुरुजी एप भी लांच किया
- इस एप से झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे ऑनलाइन शिक्षा पा सकेंगे
कितना भी परेशान कर लो, मैं झुक नहीं सकता
सीएम ने कहा, मैं उस परिवार से आता हूं, जो कभी झुक नहीं सकता, चाहे कितना भी परेशान कर लो. जिस दिन से हमारी सरकार बनी, काम करने में बाधा उत्पन्न की गयी. विपक्ष अपना काम कर रहा है, हमलोग अपना. हमें ऐसी व्यवस्था मिली कि उसे सुधारने में ही लगे हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि इस सरकार से लोगों की उम्मीद बढ़ी है. ढाई साल कोरोना काल में निकल गया. जब सरकार लय में आई, तो काम करने से रोका गया. सरकार को अस्थिर करने की हर कोशिश हुई. फिर भी हम आगे बढ़ रहे हैं. 20 साल में पहली बार जीपीएससी की नियुक्ति नियमावली बनाई गई. अब नियुक्ति शुरू हो रही है. कई नियुक्तियां हुईं. आज सभी 60 साल तक के लोगों को पेंशन मिल रही है. कोरोना में हमने एक भी मजदूर को भूखे मरने नहीं दिया. इस कोरोना ने हमारे दो मंत्री की बलि ले ली. पेंशन बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा होती है. हमने ओल्ड पेंशन देने का काम किया. देश में कहीं भी कोई बच्चा सरकारी खर्च पर विदेश में पढ़ सकता है, यह काम हमने किया. हम नहीं कहते कि हमने सब समस्या दूर कर दी. मगर काम शुरू किया. पिछली सरकारों ने 20 साल में पूरे सिस्टम को ही ध्वस्त कर दिया. इस मौके पर मंत्री आलमगीर आलम, सत्यानंद भोक्ता, महुआ माजी ने भी अपने विचार रखे.alt="" width="600" height="400" />
सबसे अधिक इस जिला को मिला नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में सबसे अधिक नियुक्त पत्र पाने वाला जिला पश्चिम सिंहभूम रहा. वहां के 100 शिक्षकों नियुक्ति पत्र दिया गया, जबकि सबसे कम 5-5 नियुक्ति पत्र खूंटी और लोहरदगा जिले के शिक्षकों को दिया गया.इन जिलों के इतने टीचर को मिला नियुक्ति पत्र
जिला शिक्षक पश्चिमी सिंहभूम - 100 पलामू - 74 गिरिडीह - 74 लातेहार - 70 चतरा - 61 पूर्वी सिंहभूम - 52 दुमका - 52 सरायकेला - 40 गोड्डा - 39 रांची - 8 गुमला - 13 खूंटी - 5 लोहरदगा - 5 सिमडेगा - 24 गढ़वा - 32 बोकारो - 6 धनबाद - 11 हजारीबाग - 35 कोडरमा - 13 रामगढ़ - 35 देवघर - 16 जामताड़ा - 16 पाकुड़ - 12 साहिबगंज - 34alt="" width="1600" height="1200" />
जे-गुरुजी एप लांच किया
इस मौके पर सीएम ने जे-गुरुजी एप लांच किया. इस एप में कई फीचर्स हैं. इसमें बच्चों की पढ़ाई का मूल्यांकन करने की भी व्यवस्था है. गलत उत्तर की व्याख्या करने और सही उत्तर देने की भी व्यवस्था की गयी है. बच्चे एप से स्कूल के बाद घर में ऑडियो-वीडियो माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे. यह एप स्मार्ट फोन के प्ले स्टोर से बिल्कुल फ्री डाउनलोड होगा. एप का इस्तेमाल करने के लिए उसमें रजिस्ट्रेशन करना होगा. एप में हर स्कूल के लिए अलग-अलग कोड होगा. स्कूल, शिक्षक और मैनेजमेंट के लिए अलग-अलग लॉगइन और पासवर्ड होगा. इसे भी पढ़ें – गोड्डा">https://lagatar.in/godda-mp-nishikant-dubeys-allegation-tmc-leader-mahua-moitra-took-money-for-asking-questions-in-parliament/">गोड्डासांसद निशिकांत दुबे का आरोप, TMC नेता महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के पैसे लिये [wpse_comments_template]
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