Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य जमाल अहमद को पद से हटाने और उनकी कथित आय से अधिक संपत्ति की ACB से जांच कराने की मांग की है. मरांडी ने अपने पत्र में कहा कि JPSC जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि जमाल अहमद ने पद का दुरुपयोग कर बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति अर्जित की है.
पत्र में दावा किया गया है कि रांची में उनके पास 3000 से 4000 वर्गफुट का एक फ्लैट है. साथ ही शहर में एक और बड़े फ्लैट की तलाश की जा रही है. हजारीबाग में भी उनके नाम या कथित बेनामी संपत्तियों की चर्चा होने का उल्लेख किया गया है.
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मरांडी ने पत्र में कहा कि जमाल अहमद पहले प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे. वर्ष 2008 में उनकी नियुक्ति लेक्चरर के रूप में हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उस नियुक्ति प्रक्रिया की CBI जांच चल रही है.
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की नियुक्ति प्रक्रिया ही जांच के दायरे में हो, उसे JPSC जैसी संवैधानिक संस्था का सदस्य बनाना उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नियमों की अनदेखी कर उनकी नियुक्ति की.
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से जमाल अहमद की सभी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और आय के स्रोतों की ACB से विस्तृत जांच कराने की मांग की है. उन्होंने जांच पूरी होने तक उन्हें JPSC सदस्य के पद से हटाने का भी आग्रह किया है. मरांडी ने कहा कि ऐसे मामलों से राज्य के लाखों अभ्यर्थियों का आयोग पर विश्वास प्रभावित होता है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने की मांग की.
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