Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड में खनिज राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत बना कोयला, JMBL सेस में भारी योगदान

Ranchi: झारखंड खनिज संपदा के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और यहां की अर्थव्यवस्था में खनन क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार को खनिजों से मिलने वाले राजस्व में सबसे बड़ा योगदान कोयला का है. झारखंड देश का कोयला हब माना जाता है.
Advertisement
Advertisement

Ranchi: झारखंड खनिज संपदा के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और यहां की अर्थव्यवस्था में खनन क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार को खनिजों से मिलने वाले राजस्व में सबसे बड़ा योगदान कोयला का है. 


झारखंड देश का कोयला हब माना जाता है. राज्य में भारत के कुल खनिज भंडार का करीब 40% हिस्सा मौजूद है. राज्य से कोयला उत्पादन और आपूर्ति बड़े पैमाने पर होती है. बिजली, इस्पात और उद्योगों में कोयले की भारी मांग रहती है. राज्य सरकार ने 2025 में कोयले पर सेस दर भी बढ़ाई है, जिससे राजस्व में और इजाफा होने जा रहा है. कोयला पर सेस 250 से बढ़ाकर 450 प्रति टन तक किया गया है.

 

खनन विभाग के JMBL (झारखंड मिनिरल बेरिंग लैंड सेस) डेटा के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न खनिजों से सेस के रूप में हजारों करोड़ रुपये की वसूली हुई, जिसमें कोयला सबसे ऊपर रहा.


खनन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उपलब्ध कोयला से लगभग 6339 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ,लौह अयस्क दूसरे स्थान पर रहा, जिससे 1014 करोड़ से ज्यादा की वसूली हुई. इसके अलावा बॉक्साइट, यूरेनियम, तांबा-सीसा, सोना जैसे खनिजों से अपेक्षाकृत कम राजस्व मिला.


किस खनिज से कितना 2025-26 में मिला सेस

खनिज JMBL सेस (मात्रा)
बॉक्साइट 113.37
कोयला 6339.42
तांबा-सीसा 4.55
सोना अयस्क 0.54
ग्रेफाइट 0.01
लौह अयस्क 1014.53
क्यानाइट  0
यूरेनियम 13.25
कुल 7485.67

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
            
                    
        
        
         
         
        
         
           

 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही