Bermo: टीटीपीएस ललपनिया के जीएम सह प्रभारी निदेशक अनिल कुमार शर्मा ने कोयले की स्थिति पर कुछ बातें कही. जीएम ने कहा कि टीटीपीएस ललपनिया में कोयले की कमी कोई नई बात नहीं है. पिछले कई महीनों से निरंतर तेनुघाट विद्युत निगम की परियोजना सीमित साधन में ही उत्पादन का कार्य कर रही है. प्रतिदिन एक या दो रैक कोयले की आपूर्ति होती है. इसके एवज में प्लांट को जरूरत के अनुसार कोयला मिल जाता है. इसलिए प्लांट को चलाने में तत्काल कोई संकट नहीं है. इसे भी पढ़ें- मोरबी">https://lagatar.in/inauguration-of-108-feet-high-statue-in-morbi-pm-modi-said-hanumanji-is-an-important-source-of-one-india-best-india/">मोरबी
में 108 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण, पीएम मोदी ने कहा, हनुमानजी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के अहम सूत्र कहा कि पूर्व के दिनों में कोयला का पूरा स्टॉक रहता था. जिसके कारण प्लांट में कोयला स्टॉक की आत्मनिर्भरता बनी रहती थी. उन्होंने कहा कि दोनों यूनिट को चलाने के लिए लगभग 7 हज़ार टन कोयले की खपत होती है. मौजूदा समय में 30 से 40 हज़ार टन कोयला उपलब्ध है. इस प्रकार लगभग प्रतिदिन के इतना ही स्टॉक पर परियोजना को चलाया जा रहा है. उत्पादन के संबंध में उन्होंने कहा कि अभी दोनों यूनिट से लगभग 330 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है. इसे भी पढ़ें- तीसरा">https://lagatar.in/the-third-world-war-has-started-the-western-countries-want-to-erase-the-name-of-russians-from-the-earth/">तीसरा
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टीटीपीएस ललपनिया में कोयले की कमी नई बात नहीं : जीएम

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