- झारखंड बनेगा परीक्षा सुधार का मॉडल
- 2014 से अब तक की परीक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
- छात्रों के आंदोलन से बदलाव की शुरुआत
Ranchi News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा वर्ष 2014 से अब तक झारखंड में हुई प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच की घोषणा के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. छात्रों ने जो बातें सरकार के सामने रखीं, उन्हें गंभीरता से सुना गया और परिस्थितियों के अनुसार कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं.
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मंत्री ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ छात्रों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और SIT की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच प्रभावित न हो, इसलिए इस चरण में इन तथ्यों को सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि छात्र हित में ठोस कदम उठाना जरूरी है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
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दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जो भी दोषी होंगे, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, जांच एजेंसियां उन्हें बख्शेंगी नहीं। पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होगी. उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा माफिया का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें देश के विभिन्न हिस्सों तक फैली हो सकती हैं.
मंत्री ने कहा कि झारखंड में ऐसा मजबूत कानून और व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिसमें पेपर लीक और परीक्षा में किसी भी तरह की हेराफेरी करने वालों के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित हो. छात्रों से संवाद और उनके सुझावों के आधार पर होने वाले परीक्षा सुधार पूरे देश के लिए मॉडल बन सकते हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी, जहां परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं से मुक्त हों तथा हर विद्यार्थी को निष्पक्ष और समान अवसर मिले.
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि अब जांच का दायरा 2014 से वर्तमान समय तक प्रतियोगिता परीक्षाओं में हुई विभिन्न अनियमितताओं और व्यवस्था की कमियों तक जाएगा. जहां भी खामियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने के साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और दंड सुनिश्चित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि आंदोलन शुरू होने से पहले ही सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी थी और इस मामले में 11 गिरफ्तारियां भी हो चुकी थीं. जांच में सामने आ रहे तथ्यों से परीक्षा माफिया, पेपर लीक नेटवर्क और छात्रों के अवसरों में बाधा डालने वालों की भूमिका की तस्वीर स्पष्ट हो रही है.
मंत्री ने कहा कि छात्रों ने अपने प्रयासों से एक बड़े मुद्दे को सामने लाया है. पेपर लीक, परीक्षा में देरी, भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता और परीक्षा व्यवस्था की खामियों से केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के छात्र प्रभावित हैं.
उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे. परीक्षा रद्द करने से लेकर जांच और व्यापक परीक्षा सुधार तक, छात्र हित में जो भी जरूरी कदम होंगे, सरकार उठाएगी.
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में छात्रों के आंदोलन के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत होगी और राज्य पूरे देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा.
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