- भू-अर्जन विभाग के नाजिर ने की भ्रष्टाचार की शिकायत
- आदिवासी छात्र संघ के फर्जी लेटरपैड का हुआ इस्तेमाल
- नाजिर अमित गुप्ता ने अधिकारियों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
- RTI से मामले का हुआ खुलासा, थाने में शिकायत
Vikash Singh
Ranchi News: भू-अर्जन विभाग में नाजिर के पद पर कार्यरत अमित कुमार गुप्ता पर छात्र संघ के नेता संजय करमाली ने गंभीर आरोप लगाए हैं. संजय महली का कहना है कि उनकी संस्था के लेटरहेड और मुहर का कथित तौर पर फर्जी इस्तेमाल कर रांची के कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें की गई हैं. उन्होंने इन शिकायतों को अपने नाम से दर्ज कराए जाने को फर्जी बताते हुए इसके पीछे साजिश की आशंका जताई है.
संजय महली के अनुसार, उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से मिली है. उनका आरोप है कि भू-अर्जन विभाग के नाजिर अमित कुमार गुप्ता उन्हें झूठे मामले में फंसाने का षड्यंत्र कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रैयतों के हित में आवाज उठाने और उनकी मदद करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
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कई अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हैं शिकायतें
संजय महली के नाम से 20 से 22 अक्टूबर 2026 के बीच उपायुक्त कार्यालय में कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें किए जाने की जानकारी सामने आई है. इनमें भू-अर्जन कार्यालय के सीलिंग प्रशासनिक पदाधिकारी ग्रेड-2, जिला अभिलेखागार के सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी ध्रुव प्रसाद, नगड़ी अंचल की राजस्व उपनिरीक्षक रश्मि रानी, सहायक भूमि सुधार उपसमाहर्ता अमित राय उमरिया और वरीय सहायक संजीव कुमार के नाम शामिल हैं.
इसके अलावा नामकुम अंचल के राजस्व उपनिरीक्षक संदीप कुमार प्रजापति, रातू के अंचल अधिकारी रवि कुमार और मांझी के अंचल अधिकारी उज्ज्वल सोरेन के खिलाफ भी शिकायतें किए जाने का उल्लेख है.
इन शिकायतों में संबंधित अधिकारियों पर कथित तौर पर भूमि माफियाओं से संबंध रखने, रिश्वत लेने, अभिलेखों में हेरफेर करने और अवैध संपत्ति अर्जित करने जैसे आरोप लगाए गए हैं. कुछ शिकायतों में करोड़ों रुपये की अवैध कमाई का भी दावा किया गया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

RTI की कॉपी
कोतवाली थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन
संजय महली ने इस मामले में पहले सिटी एसपी के समक्ष लिखित शिकायत दी थी. बुधवार को वह कोतवाली थाना पहुंचे और भू-अर्जन विभाग के नाजिर अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन सौंपा. उन्होंने पुलिस से संस्था के लेटरहेड और मुहर के कथित फर्जी इस्तेमाल की जांच कराने तथा इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है.
संजय का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अपने नाम से कोई शिकायत नहीं की है. ऐसे में यह पता लगाया जाना जरूरी है कि उनके नाम और संगठन की पहचान का इस्तेमाल कर शिकायतें किसने तैयार कीं और संबंधित कार्यालयों तक कैसे पहुंचाईं. फिलहाल अमित कुमार गुप्ता का पक्ष सामने नहीं आया है. पुलिस की जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.
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