Ranchi News : आगामी गर्मी में शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट से बचने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने राज्य में चल रही सभी पेयजलापूर्ति योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया है. उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के पुनर्निर्माण (रोड रिस्टोरेशन) में लापरवाही पर संबंधित एजेंसियों से राशि वसूलने और कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.
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प्रधान सचिव ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य संपोषित, बाह्य सहायतित और अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों की निकायवार समीक्षा की. उन्होंने कहा कि पाइप बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत ठीक ढंग से नहीं किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं. एजेंसियां सड़क का पुनर्निर्माण गुणवत्ता के साथ करें. पाइपलाइन बिछाने के दौरान यथासंभव सड़क काटने से भी बचें.
राज्य संपोषित योजनाओं में धनबाद फेज-2, मधुपुर, मझिआंव, राजमहल, वासुकीनाथ, कोडरमा, रांची फेज-2बी और दुमका की प्रगति की समीक्षा की गई. प्रधान सचिव ने इंटेक वेल, जलशोधन संयंत्र और घरों तक कनेक्शन देने के काम में तेजी लाने को कहा.
बाह्य सहायतित योजनाओं के तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से रांची फेज-2ए, हुसैनाबाद, रांची फेज-2सी, मेदिनीनगर और झुमरीतिलैया में काम चल रहा है. वहीं, विश्व बैंक की सहायता से कपाली, गुमला और लोहरदगा की पेयजल योजनाएं संचालित हैं.
अमृत योजना के तहत रामगढ़, सिमडेगा, बड़की सरैया, जामताड़ा, महागामा, धनबाद फेज-1, आदित्यपुर, चास, हजारीबाग, रांची फेज-1 सहित विभिन्न शहरों की योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.
प्रधान सचिव ने कहा कि कार्यों में आ रही बाधाओं को दूसरे विभागों के साथ समन्वय बनाकर दूर किया जाए. तकनीकी सेल और जुडको को एजेंसियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा तकनीकी कार्यों की पुनर्समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया.
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