चार करोड़ का आवंटन, फिर भी निराशा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत धनबाद को चार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. परंतु कई अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि तो नहीं ही मिली, बल्कि सदर अस्पताल में डीएमएफडी के तहत कार्यरत कर्मियों को भी 4 माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है. सदर अस्पताल के एक कर्मी ने बताया कि 4 महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जिससे परिवार के भरन-पोषण के लिए उधार लेना पड़ रहा है.कोरोना काल में तय हुई थी प्रोत्साहन राशि
कोरोना की दूसरी लहर में आउटसोर्सिंग पर बहाल लगभग ढाई सौ स्वास्थ्य कर्मचारी प्रोत्साहन राशि की आस लगाए बैठे हैं. कोरोना काल में सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों को एक महीने की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी. उनमें से अधिकतर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नौकरी भी खत्म हो गई है. कर्मचारी हर दिन सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं. पिछले दिनों झरिया की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने प्रोत्साहन राशि देने के लिए उपायुक्त से निवेदन किया था.शीघ्र होगा भुगतान : डीडीसी
वीएलई के नोडल पदाधिकारी पीयूष सहाय ने बताया गया कि वीएलई कर्मचारियों को 14 माह से वेतन नहीं मिल पाया है. वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों की स्थिति काफी खराब हो गई है. इस संबंध में उप विकास उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि आवंटित राशि से कोविड कर्मियों को बहुत जल्द भुगतान कर दिया जाएगा. प्रक्रिया चल रही है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-sudama-choubey-waged-war-against-the-british-from-kaimur/">धनबाद: सुदामा चौबे ने कैमूर से छेड़ी थी अंग्रेजों के खिलाफ जंग [wpse_comments_template]

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