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RIMS जीबी बैठक में टकराव के सुर, संजय सेठ बोले– मंत्री-निदेशक विवाद से बिगड़ रही व्यवस्था

झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स को राज्य का मॉडल हॉस्पिटल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बुधवार को रिम्स की गवर्निंग बॉडी की 63वीं बैठक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई.
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Ranchi : झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स को राज्य का मॉडल हॉस्पिटल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बुधवार को रिम्स की गवर्निंग बॉडी की 63वीं बैठक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सांसद संजय सेठ, विधायक सुरेश बैठा, रिम्स निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में मरीजों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए कई अहम निर्णय लिए गए.

 

100 नए वेंटिलेटर, मृत मरीज के परिजनों को ₹5000 सहायता राशि

बैठक में वेंटिलेटर की कमी पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई. स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि किसी मरीज की जान उपकरणों की कमी से नहीं जानी चाहिए. निर्णय लिया गया कि रिम्स को 100 नए वेंटिलेटर तत्काल उपलब्ध कराए जाएंगे.

 

इसके साथ ही एक मानवीय निर्णय लेते हुए तय किया गया कि रिम्स में मरीज की मृत्यु होने पर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए ₹5000 की सहायता राशि दी जाएगी. यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया.

 

निर्णय अब धरातल पर दिखेंगे, फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगे

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि अब फैसले सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखेंगे. उन्होंने कहा कि हर कार्य नियमों और पारदर्शिता के साथ होगा. डॉक्टरों की उपस्थिति, निजी प्रैक्टिस पर रोक, ओपीडी अनुशासन और सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए गए.

 

अगली बैठक में रिम्स के डिजिटल सिस्टम और नई बिल्डिंग पर चर्चा

बैठक में यह भी तय किया गया कि अगली जीबी बैठक में रिम्स के नए भवन, डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम और पेशेंट फेसीलिटेशन सेंटर पर चर्चा की जाएगी. मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य रिम्स को आने वाले महीनों में झारखंड का मॉडल हॉस्पिटल बनाना है.

 

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि झारखंड की जनता की उम्मीदों का केंद्र है. हमारा उद्देश्य इसे देश के सर्वश्रेष्ठ और आधुनिक अस्पतालों की श्रेणी में लाना है. उन्होंने कहा कि इलाज केवल सुविधा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का प्रतीक बने. हर मरीज को सम्मान, हर परिवार को विश्वास और हर जरूरतमंद को सहारा मिलना ही सरकार का संकल्प है.

 

मंत्री-निदेशक विवाद से बिगड़ रही व्यवस्था : संजय सेठ

बैठक के बाद रक्षा राज्य मंत्री सांसद संजय सेठ ने कहा कि रिम्स निदेशक और स्वास्थ्य मंत्री के बीच चल रहा विवाद रिम्स की व्यवस्था को लगातार बिगाड़ रहा है.

 

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि जब तक इस विवाद को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकेगी. संजय सेठ ने आरोप लगाया कि रिम्स में कोई भी काम नहीं हो रहा है और आम मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

 

मंत्री इरफान अंसारी ने दी सफाई, बोले- कोई विवाद नहीं, सब मिलकर कर रहे काम

संजय सेठ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स में कोई विवाद नहीं है. हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं. कुछ लोग रिम्स को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रक्षा राज्य मंत्री बैठकों में कुछ और और मीडिया के सामने कुछ और कहते हैं. रिम्स निदेशक ने भी कहा कि बैठक में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ, केवल रचनात्मक चर्चा की गई है.

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