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कोरोना काल में बिहार पंचायत चुनाव पर असमंजस, अधिकारियों को मिल सकता है दायित्व

 

Patna : बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर एक महीने पहले से तैयारी चल रही थी. लेकिन कोरोना काल में सबकुछ धरा का धरा रह गया. बिहार निर्वाचन आयोग की तैयारी के बावजूद अब पंचायत चुनाव समय पर होने की उम्मीद नहीं है. दरअसल 21 अप्रैल को बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने 15 दिन का समय पंचायत चुनाव के लिए रखा था. सी उम्मीद भी थी कि इसी तय वक्त में चुनाव करा लिये जायेंगे. लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से संभव नहीं हो पाया. क्योंकि नौ दिन का समय 21 अप्रैल के बाद से बीत गया है. लेकिन कोरोना केस में कमी नहीं आयी है. कोरोना से हालात और बदतर ही होते चले जा रहे हैं. ऐसे में अब मुश्किल ही है कि अगले 7 दिनों में पंचायत चुनाव के तारीख का एलान हो पाये.

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनाव के लिए मई के मिड तक आयोग इंतजार करेगा. यदि इस दौरान संक्रमितों की संख्या में कमी आयी तो पंचायत चुनाव की संभावना बन सकती है. आयोग दो से तीन चरणों में चुनाव करा सकता है.
लेकिन इसके लिए ज्यादा ईवीएम की जरूरत पड़ेगी. और इसके लिए आयोग दूसरे राज्यों से भी ईवीएम मंगवा सकता है. वहीं यदि पंचायत चुनाव तीन चरणों में हुए तो ऐसे में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम की भी जरूरत होगी.

नई व्यवस्था के लिए आदेश जारी हो सकता है

दूसरी ओर बिहार में जून के दूसरे हफ्ते तक मॉनसून का आगमन हो जाता है. ऐसे में नॉर्थ और पूर्वी बिहार के जिलों में स्थिती अच्छी नहीं रहती है. लोग बारिश और बाढ़ से बेहाल हो जाते हैं तो ऐसे हालात में चुनाव कराना संभव नहीं हो पायेगा.
वहीं बिहार में पंचायती संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. तो यदि ऐसे समय में पर चुनाव नहीं हुए तो नई व्यवस्था के लिए आदेश लाया जा सकता है. हालांकि ये भी संभव हो सकता है कि चुनाव नहीं होने की स्थिती में अधिकारियों को उस समय तक के लिए पंचायत की योजनाओं को चालू रखने का दायित्व सौंपा जा सकता है.

 

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