Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा द्वारा मनाए जा रहे संविधान हत्या दिवस को राजनीतिक पाखंड बताया है. उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके वैचारिक संगठन स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रियाओं से दूर रहे, लेकिन आज संविधान के नाम पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.
राकेश सिन्हा ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐसा दौर था, जिससे सीख लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत किया जाना चाहिए. लेकिन भाजपा इतिहास से सीख लेने के बजाय अपनी वर्तमान विफलताओं से लोगों का ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर सवाल उठ रहे हैं. विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है, संसद में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है और संवैधानिक पदों की गरिमा कमजोर की जा रही है.
सिन्हा ने कहा कि संविधान की हत्या केवल किसी एक ऐतिहासिक घटना से नहीं होती. जब लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संघीय ढांचे और सामाजिक न्याय की भावना पर लगातार चोट पहुंचती है, तब भी संविधान कमजोर होता है.
उन्होंने कहा कि संविधान देश की आत्मा है और इसकी रक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सत्ता में बैठे लोगों की है. भाजपा अगर वास्तव में संविधान के प्रति प्रतिबद्ध है तो उसे राजनीतिक कार्यक्रमों के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, विपक्ष के सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर ध्यान देना चाहिए.
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