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भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है संविधानः केशव महतो कमलेश

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा है कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है. पूरे संविधान का मूल स्वरूप, मूल भावना इसकी प्रस्तावना में ही निहित है. भारत का संविधान पूरे विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है.
 

Ranchi: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा है कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है. पूरे संविधान का मूल स्वरूप, मूल भावना इसकी प्रस्तावना में ही निहित है. भारत का संविधान पूरे विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है. 

 

इसके निर्माण में झारखंड के विभूतियों का भी योगदान है, जो झारखंड के महत्व को दर्शाता है. इसी संविधान से देश का शासन तंत्र चलता है, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने वाले संविधान को बदलने की सोच रखने वालों का हमें डटकर मुकाबला करना है. वे बुधवार को पुराना विभानसभा में आयोजित संविधान बचाओ दिवस पर बोल रहे थे. 

 

संविधान दिवस पर भाजपा करे चिंतनः राधाकृष्ण


वित्त मंत्री डॉ राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि संविधान इस देश में रहने वाले सभी वर्ग जाति धर्म के लोगों को समान अधिकार देता है. सरकार की जिम्मेदारी होती है कि संविधान को सामने रखकर योजनाएं बनाएं, लेकिन आज ऐसी स्थिति नहीं है.

 
केंद्रीय सत्ता कुछ लोगों के हाथों में सिमट कर रह गई है. हिंदुवाद का नारा दिया जा रहा है. अनुसूचित जाति,जनजाति को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. संविधान दिवस के अवसर पर भाजपा को चिंतन करना चाहिए.

 

भाजपा पूरा संविधान ही बदलना चाहती हैः रामेश्वर उरांव 


पूर्व वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि लोकसभा चुनाव में संविधान बदलने के लिए 400 पार का नारा दिया गया, इसके विरोध में कांग्रेस खड़ी है. संविधान में संशोधन की व्यवस्था है, जो संविधान प्रदत्त है. 

 

अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में संविधान की समीक्षा के लिए समिति गठित की गई थी. केशवानंद भारती के केस के फैसले के अनुसार संविधान की मूल भावना में बदलाव नहीं किया जा सकता जिसके चलते भाजपा पूरा संविधान ही बदलना चाहती है. आरएसएस मनुस्मृति को अपना संविधान मानती है इसलिए भारतीय संविधान की समीक्षा की बात आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत करते हैं. राज्यों का विकास बाधित करने के उद्देश्य केंद्र जानबूझकर गैर भाजपा शासित राज्यों को समय पर राशि उपलब्ध नहीं कराती.

 

केंद्रीय सत्ता ने धर्मनिरपेक्ष ढांचे के ताने-बाने को चकनाचूर कर दियाः सुबोधकांत


पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि वर्तमान केंद्रीय सत्ता के द्वारा संविधान द्वारा गठित धर्मनिरपेक्ष ढांचे के ताने-बाने को चकनाचूर कर दिया गया है. भारत के चुनाव प्रणाली को सराहा जाता था, लेकिन आज भारत के निर्वाचन आयोग का चेहरा चुनावी प्रक्रिया की हेरा फेरी के रूप में सामने आ रहा है. मौके पर रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुल सचिव प्रोफेसर अमर चौधरी ने भी अपनी बात रखी. कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमूल्य नीरज खलखो एवं धन्यवाद ज्ञापन महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रमा खलखो ने किया.

 

ये रहे मौजूद


केदार पासवान, विधायक सुरेश बैठा, अशोक चौधरी संजय लाल पासवान, रविंद्र सिंह,शमशेर आलम,रमा खलखो, जोसाइ मार्डी,सतीश पौल मुंजनी, रविंद्र सिंह अमुल नीरज खलखो विनय उरांव,नवीन सिंह, कुमार राजा, प्रोफेसर बिमलांशु शेखर मलिक निरंजन पासवान,राजेश सिन्हा सन्नी,राकेश किरण महतो, सूर्यकांत शुक्ला,सुरेन राम संजय कुमार,जफर इमाम,अख्तर अली सुनील सिंह,राजू चंद्रा, चंद्र रश्मि पिंगुआ,मरियम, इंदिरा देवी,मीनू सिंह, मौसमी ऊषा पासवान,शाहिद अहमद,सजर ख़ान सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे.

 

 

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