National News: ओडिशा के नए राज्यपाल ब्रज मोहन राम के एक बयान के लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बयान के बाद बीजू जनता दल (BJD) और कांग्रेस ने उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. ब्रज मोहन राम ने कहा कि वे ओडिशा में भी बीजेपी के अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चे को और सक्रिय करने और पार्टी को ज्यादा वोट दिलाने की कोशिश करेंगे.
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ब्रज मोहन राम ने कहा कि मैं झारखंड में एससी मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई थी. मोर्चा को बढ़ाने और आगे करने में हमारा बहुत सहयोग रहा है. उन्होंने कहा कि हम वहां भी वोट जोड़ेगे. ओडिशा में भी मोर्चा को सक्रिय कर बीजेपी के पक्ष में वोट कैसे आए इस पर चिंता करेंगे.
राज्यपाल ब्रज मोहन राम के बयान पर बीजेडी के राज्यसभा सदस्य संतृप्त मिश्रा ने कहा कि राज्यपाल की प्राथमिकताएं क्या हैं. संतृप्त मिश्रा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति उनका झुकाव जो भी हो, अपने राजनीतिक नजरिए को लेकर स्पष्टता वाकई काबिले-तारीफ है! वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि ओडिशा के नए राज्यपाल ब्रज मोहन राम खुलेआम घोषणा करते हैं कि वे ओडिशा में बीजेपी के लिए ज्यादा वोट दिलाने की चिंता करेंगे.
विवाद बढ़ने पर ब्रज मोहन राम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अभी उन्होंने भाजपा से त्यागपत्र नहीं दिया है. ऐसे में पार्टी कार्यकर्ता की भावनाओं के हिसाब से यह बात कही. साथ ही कहा कि राज्यपाल किसी पार्टी के नहीं होते, यह पद संवैधानिक है और इसकी मर्यादा का पूरा पालन होगा.
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