Search

 
 
 

फर्जी कागज दिखा नाबालिग लड़की से कोर्ट मैरिज, CWC के आदेश पर बेड़ो थाना में मामला दर्ज

 
Shruti Prakash Singh Ranchi : फर्जी कागजात बना कर नाबालिग लड़की से कोर्ट मैरिज करने का मामला चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) के सामने आया है. लड़की के माता-पिता का आरोप है कि उसकी बेटी 15 साल की है. लेकिन उसके बालिग होने का फर्जी प्रमाण पत्र दिखा कर 30 साल के युवक ने कोर्ट मैरिज कर ली है. फर्जी प्रमाण पत्र में लड़की की उम्र 19 वर्ष दिखायी गयी है. लड़की ने भी CWC का बताया है कि वह 15 साल की है. यह भी बताया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है. इधर, लड़के की बुआ ने CWC के समक्ष लड़की के आधार कार्ड की फोटो कॉपी पेश करते हुए दावा किया है कि इसमें लड़की की उम्र 19 वर्ष अंकित है. इस बीच मामला संदेहास्पद होने के चलते सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन अजय शाह के आदेश पर बेड़ो थाना में मामला दर्ज करवाया गया है. वहीं भुक्तभोगी लड़की को प्रेमाश्रय शेल्टर होम में भेज दिया गया है. इसे भी पढ़ें – ICC">https://lagatar.in/icc-t20-ranking-jharkhands-chhore-made-a-long-jump-went-straight-from-75th-to-number-7th/">ICC

टी-20 रैकिंग में झारखंड के छोरे ने लगाई लंबी छलांग, 75वें से सीधे पहुंचा 7वें नंबर पर

मेरी बेटी सिर्फ 15 साल की है, नाबालिग है- माता-पिता

यह मामला बेड़ो इलाके का है. कोर्ट मैरिज की सूचना के बाद नाबालिग लड़की के माता- पिता बेड़ो थाना पहुंचे.  मामले को देखते हुए उन्हें सीडब्ल्यूसी के पास भेज दिया गया, जहां पूरे मामले का खुलासा हुआ. इस संबंध में सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन अजय शाह ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास एक लड़की का परिवार आया था. परिवार वाले ने बताया कि उनकी बेटी अभी सिर्फ 15 साल की है. नाबालिग है और उसने 30 वर्ष के लड़के के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है. लड़की के पिता की शिकायत है कि कोर्ट में नकली जन्म प्रमाण पत्र पेश कर शादी की गई है. इस सिलसिले में अजय शाह ने भुक्तभोगी लड़की से बात की तो उसने भी बताया कि वह 15 साल की है. लेकिन उसने अपनी मर्जी से शादी की है. दूसरी ओर लड़के की बुआ अजय शाह के पास लड़की के आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर आई. बताया कि इसमें लड़की की उम्र 19 वर्ष अंकित है और वह बालिग है. अब जांच के बाद ही सामने आयेगा कि लड़की की वास्तविक उम्र कितनी है.

दावा- लड़की के माता-पिता की शादी को हुए हैं 17 साल

इस बीच लड़की के परिजनों ने अपने दावे के साक्ष्य के रूप में सीडब्ल्यूसी के समक्ष लड़की के 10वीं  क्लास का सर्टिफिकेट पेश किया है. साथ ही लड़की के मां-बाप की शादी का एविडेंस भी सौंपा गया है. उसके मुताबिक लड़की के मां-बाप की शादी को 17 साल ही हुए हैं. ऐसे में लड़की के बालिग होने का दावा गलत है. इसे भी पढ़ें – हाईकोर्ट">https://lagatar.in/high-court-order-appoint-fourth-class-employees-in-rims-soon/">हाईकोर्ट

का आदेशः RIMS में जल्द करें चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही