- मामला श्री रामकृष्ण सेवा संघ द्वारा संचालित विवेकानंद विद्या मंदिर की राशि गबन का
Ranchi : श्री रामकृष्ण सेवा संघ द्वारा संचालित विवेकानंद विद्या मंदिर स्कूल की राशि गबन के मामले में आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रवीण कुमार सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका अपर न्यायायुक्त-।।। एके तिवारी की अदालत ने खारिज कर दी.
अदालत ने यह मानते हुए कि जांच अभी अधूरी है और केस डायरी में याचिकाकर्ता की भूमिका के संबंध में प्रथम दृष्टया सामग्री उपलब्ध है, अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि एफआईआर पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है. कथित घटनाएं 2015–2017 की हैं, जबकि एफआईआर 07.06.2022 को दर्ज हुई.
अदालत ने प्रवीण कुमार सिन्हा की अग्रिम जमानत पर आदेश सुनाते हुए यह भी कहा कि मामले में जांच अभी जारी है. विद्यालय की निधि के गबन और दुरुपयोग से जुड़े कई तथ्य अभी सामने आने बाकी हैं. इसलिए इस चरण में अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा.
अदालत ने केस डायरी में उपलब्ध सामग्री का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं को कानूनी परिणामों से बचाने के उद्देश्य से यह सलाह और निर्देश दिया कि विवेकानंद विद्या मंदिर स्कूल की समस्त फिक्स्ड डिपॉजिट राशि को श्री रामकृष्ण सेवा संघ के खाते में स्थानांतरित/परिवर्तित कर दिया जाए, जबकि उसे यह पूर्ण जानकारी थी कि दोनों संस्थाएं अलग-अलग वित्तीय इकाइयां हैं.
दरअसल, मामले में चुटिया थाना में प्राथमिकी संख्या 130/ 2022 दर्ज है. जिसमें प्रवीण कुमार सिन्हा भी आरोपी हैं. उनकी ओर से 11 मई 2026 को अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी.
बता दें कि 7 जून 2022 को श्री रामकृष्ण सेवा संघ के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तन्मय मुखर्जी द्वारा इस संबंध में चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रवीण कुमार सिन्हा सहित झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा के अलावा काशीनाथ मुखर्जी, मलय नंदी, आदित्य बनर्जी, ठेकेदार राजेश कुमार सिंह आरोपी हैं.
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