Ranchi News: माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा में 2,819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा से जुड़े मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रौशन की कोर्ट ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद प्रथम दृष्टया पूरे प्रकरण में अनियमितता की आशंका व्यक्त की.
सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से यह स्वीकार किया गया कि परीक्षा से संबंधित सिस्टम में गड़बड़ी हुई थी तथा कथित तौर पर हैकिंग या अनाधिकृत हस्तक्षेप की स्थिति सामने आई थी. इसी के आधार पर 2,819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई थी.
हालांकि सुनवाई के दौरान आयोग यह स्पष्ट नहीं कर सका कि कथित हैकिंग अथवा सिस्टम में अनाधिकृत हस्तक्षेप किस स्तर से हुआ, इसकी प्रकृति क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन था.
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याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गयी कि संबंधित अभ्यर्थियों को परीक्षा में कथित मालप्रैक्टिस अथवा अनियमितता में संलिप्त बताया गया है, लेकिन उनके विरुद्ध कोई ठोस एवं प्रत्यक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि यदि परीक्षा प्रणाली में अनाधिकृत हस्तक्षेप हुआ था, तो उसकी जिम्मेदारी तय किए बिना केवल अभ्यर्थियों को पुनर्परीक्षा के दायरे में लाना न्याय संगत नहीं है. मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी.
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