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Court News: हाईकोर्ट ने पूछा - CIP निदेशक स्पष्ट करें, उसके पास कितनी जमीन है? अतिक्रमण पर क्या हुई कार्रवाई

Ranchi : हाईकोर्ट ने केंद्रीय मनोरोग संस्थान (CIP), कांके की निदेशक से पूछा है कि CIP की कितनी जमीन है? कोर्ट ने CIP से यह भी जानना चाहा है कि अगर अतिक्रमण है तो उसे हटाने के लिए CIP की ओर से अबतक क्या कार्रवाई हुई है? मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में दायर जांच प्रतिवेदन पर प्रार्थी ने अपना जवाब दाखिल किया है.
 

Ranchi : हाईकोर्ट ने केंद्रीय मनोरोग संस्थान (CIP), कांके की निदेशक से पूछा है कि CIP की कितनी जमीन है? कोर्ट ने CIP से यह भी जानना चाहा है कि अगर अतिक्रमण है तो उसे हटाने के लिए CIP की ओर से अबतक क्या कार्रवाई हुई है? मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में दायर जांच प्रतिवेदन पर प्रार्थी ने अपना जवाब दाखिल किया है. 


मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई. प्रार्थी विकास चंद्र की ओर से अपने जवाब में कोर्ट को बताया गया कि CIP के पास कितनी अधिग्रहित जमीन है, उसकी जानकारी भी नहीं है. 
CIP की जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेज भी सरकारी रिकॉर्ड से गायब हैं. ऐसे में CIP की जमीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है और इसे हटाने के लिए कोई कार्रवाई CIP नहीं कर रहा है. पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि सीआईपी (केंद्रीय मनोरोग संस्थान), कांके, रांची की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी. 


इस समिति को दो सप्ताह के भीतर भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था. हालांकि कोर्ट के समक्ष भूमि सुधार उप समाहर्ता, रांची द्वारा दायर शपथ पत्र से यह बात सामने आया था कि सीआईपी के पास वास्तविक कब्जे में केवल 229.29 एकड़ भूमि पाई गई, जबकि सीआईपी के अनुसार, उसकी कुल भूमि 376.222 एकड़ (1570 बीघा, 37 कट्ठा, 26 छटांक) है.  लगभग 147 एकड़ भूमि का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया. यानी करीब 147 एकड़ पर अतिक्रमण है.

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