Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2002 के चर्चित नक्सली हमले से जुड़े मामले में आरोपी लक्ष्मण गंझू उर्फ कोहराम जी को जमानत प्रदान कर दी. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति एके राय के खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए आरोपी की अपील स्वीकार कर ली. खंडपीठ ने 19 मार्च 2026 को चतरा के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा आरोपी लक्ष्मण गंझू की जमानत खारिज किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया.
खंडपीठ ने आरोपी को 10 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदारों पर रिहा करने का निर्देश दिया. साथ ही शर्त लगाई कि वह पर्याप्त कारण के अभाव में मुकदमे की समाप्ति तक प्रत्येक सुनवाई की तिथि पर ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेगा.
अभियोजन के अनुसार, पुलिस और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में कई पुलिसकर्मी मारे गए थे, कई घायल हुए थे तथा नक्सलियों ने पुलिस के हथियार और गोला-बारूद भी लूट लिए थे. मामले को लेकर चतरा सदर में कांड संख्या 24 /2002 दर्ज किया गया था.
अपीलकर्ता लक्ष्मण गंझू की ओर से दलील दी गई थी कि उसका नाम सह-अभियुक्त प्यारे खान के कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर सामने आया है. साथ ही बताया गया कि वह 13 सितंबर 2022 से न्यायिक हिरासत में है और इसी मामले के कुछ सह-अभियुक्तों को पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है.
राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपी के विरुद्ध छह आपराधिक मामले दर्ज हैं. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि आरोपी की संलिप्तता के तरीके तथा सह-अभियुक्तों को पहले मिल चुकी जमानत को देखते हुए उसे भी राहत दी जानी चाहिए.
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