Ranchi : रिम्स की अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने दो महिला याचिकाकर्ताओं को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी. कोर्ट ने जिन्हें जमानत प्रदान की है उनमें सुमित्रा कुमारी बड़ाईक एवं मुन्नी कुमारी शामिल है. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता संकल्प गोस्वामी ने पक्ष रखा.
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मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि उन्होंने वर्ष 2019 में संबंधित भूमि तत्कालीन रैयत से विधिवत पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्यम से सरकारी अभिलेखों, जमाबंदी, रजिस्टर-II एवं अन्य राजस्व अभिलेखों के आधार पर खरीदी थी. इसके उपरांत उक्त भूमि पर एक बहुमंजिला भवन का निर्माण किया गया. बाद में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा एक जनहित याचिका (पीआईएल) में पारित आदेश के अनुपालन में उक्त भवन को अतिक्रमण मानते हुए ध्वस्त कर दिया गया. जिसके बाद एसीबी थाना कांड संख्या 01/2026 दर्ज किया गया.
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि याचिकाकर्ताओं का कथित जालसाजी अथवा षड्यंत्र से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने भूमि सरकारी अभिलेखों पर विश्वास करते हुए सद्भावना में खरीदी थी और वे स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की पीड़ित हैं. यह भी न्यायालय के समक्ष रखा गया कि याचिकाकर्ताओं ने जांच में पूर्ण सहयोग किया है और उनके विरुद्ध प्राथमिकी में कोई प्रत्यक्ष एवं विशिष्ट आरोप नहीं है.
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