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Court News :  विष्णुगढ़ बच्ची हत्या केस : हजारीबाग पुलिस की अनुसंधान पूरी होने के बाद HC में होगी सुनवाई

हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 साल की बच्ची के साथ हत्या मामले में कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की. मामले में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत की गई केस डायरी,  एफएसएल जांच रिपोर्ट और बच्ची की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट का कोर्ट ने अवलोकन किया.
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  • हाईकोर्ट ने केस डायरी, एफएसएल व मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट का किया अवलोकन

Ranchi :  हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 साल की बच्ची के साथ हत्या मामले में कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की. मामले में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत की गई केस डायरी,  एफएसएल जांच रिपोर्ट और बच्ची की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट का कोर्ट ने अवलोकन किया.

 

इसके बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट मामले में पुलिस के अनुसंधान पूरी होने का इंतजार करेगी. उसके बाद कोर्ट इस प्रकरण में आगे की सुनवाई करेगी. अगली सुनवाई जून माह में होगी.  

 

बता दें कि हजारीबाग में 12 साल की बच्ची की हत्या मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से एफएसएल रिपोर्ट एवं मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट मांगी थी, जिसे आज कोर्ट को सौंपा गया था.  

 

मामले को लेकर हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना में कांड संख्या 42/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें मृतक की मां रेशमी देवी, भीम राम सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की ओर से तंत्र-मंत्र के कारण उसकी मां द्वारा अपने बच्ची की हत्या किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है. इसमें भीम राम ने उनका सहयोग किया था. 

 

मामले की पहली सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात लाई गई कि यह मामला दिल्ली के निर्भया कांड की तरह है. इसमें बच्ची के प्राइवेट पार्ट के साथ भी अब अमानवीय व्यवहार किया गया है.  जिसपर कोर्ट ने कहा था कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है.

 

कोर्ट के समक्ष उक्त घटना से संबंधित पेपर की कटिंग प्रस्तुत की गई थी, जिसे कोर्ट ने गंभीर मामला मानते हुए तुरंत झालसा सचिव और हजारीबाग एसपी को वर्चुअल तलब किया था. कोर्ट को बताया गया था कि बच्ची के साथ रेप और मर्डर की घटना  24 मार्च को हुई.  25 मार्च को घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज हुई. 

 

कोर्ट में वर्चुअल उपस्थित हजारीबाग एसपी से खंडपीठ ने पूछा था कि अब तक इस मामले में क्या अनुसंधान हुआ है? मामले में साइंटिफिक जांच की गई है या नहीं? इस पर उनकी ओर से बताया गया कि अनुसंधान जारी है. मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है.

 

जिस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा था कि 6 दिन से अधिक का समय बीत गया. अब तक आपने आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? मृतक बच्ची के कपड़े एवं अन्य साक्षय फॉरेंसिक के लिए भेजे गए हैं या नहीं?  5 दिन की देरी से फॉरेंसिक जांच प्रभावित हो सकती है.

 

कोर्ट ने कहा कि अगर समाचार पत्रों के माध्यम से यह घटना  सामने नहीं आती तो कोर्ट के समक्ष इसकी जानकारी भी नहीं मिलती.

 

 

 

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