Ranchi: केंद्र सरकार के खनिज और खनन विकास विनियमन संशोधन विधेयक-2026 को लेकर झारखंड में विरोध तेज हो गया है. भाकपा माले और इंडिया गठबंधन से जुड़े नेताओं ने इस विधेयक को राज्य के आर्थिक हितों के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है. नेताओं ने आरोप लगाया कि विधेयक कानून बनने के बाद झारखंड को खनन भूमि से मिलने वाले उपकर (सेस) के रूप में प्राप्त होने वाले महत्वपूर्ण राजस्व से वंचित होना पड़ सकता है.
भाकपा माले नेताओं के अनुसार, इस राजस्व का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाता है. ऐसे में राजस्व के इस स्रोत के खत्म होने से राज्य की विकास योजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है. नेताओं ने कहा कि वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के खनन भूमि पर कर लगाने के अधिकार को मान्यता दी थी. उनका आरोप है कि खनिज उत्पादक राज्यों को मिले इस अधिकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार संशोधन विधेयक लेकर आई है.
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भाकपा माले ने केंद्र सरकार से विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि विधेयक वापस नहीं लिया गया तो इंडिया गठबंधन और अन्य संगठनों के सहयोग से राज्य में खनिजों की ढुलाई रोकने के लिए आंदोलन किया जाएगा. पार्टी के अनुसार, 16 और 17 अगस्त को पूरे राज्य में प्रतिवाद दिवस मनाया जाएगा.
पार्टी नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर खनिज परिवहन में लगी गाड़ियों को रोकेंगे. उनका कहना है कि झारखंड का लोहा, कोयला, यूरेनियम, तांबा और सोना राज्य से बाहर ले जाने का विरोध किया जाएगा. साथ ही भाजपा के झारखंड से जुड़े विधायकों, सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों से इस मुद्दे पर जनता के बीच जवाब मांगा जाएगा.
वहीं झारखंड में चल रहे JPSC-JSSC छात्र आंदोलन को लेकर भी भाकपा माले ने भाजपा पर निशाना साधा है. पार्टी की छात्र इकाई आइसा (AISA) के आंदोलन में शामिल होने का दावा करते हुए नेताओं ने मुख्यमंत्री से छात्रों के साथ सीधे बातचीत करने और उनकी लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की. भाकपा माले ने भाजपा पर छात्र आंदोलन को 'हाईजैक' करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
पार्टी नेताओं ने कहा कि JPSC की पिछली परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में छात्रों को भाजपा नेताओं के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. भाजपा की ओर से की जा रही CBI जांच की मांग पर भी भाकपा माले ने सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह मांग राजनीतिक हितों से प्रेरित है. नेताओं ने उत्तर प्रदेश में एक परीक्षा से जुड़े मामले का उदाहरण देते हुए भाजपा सरकार के रुख पर सवाल खड़ा किया.
भाकपा माले ने कहा कि वह छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी है और मुख्यमंत्री को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से पहल करनी चाहिए. पार्टी नेताओं ने आंदोलनरत छात्रों के साहस की सराहना करते हुए दावा किया कि झारखंड में भी छात्रों की मांगों की जीत होगी.
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