https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/kkkkk.gif"
alt="" width="702" height="501" />पार्टी सेंट्रल कमेटी ने मेरे अनुरोध पर सहमति जताई
कविता कृष्णन फेसबुक पर इसकी घोषणा करते हुए लिखा, मैंने सीपीआईएमएल में अपने पदों और जिम्मेदारियों से मुक्त होने का अनुरोध किया था क्योंकि मुझे कुछ परेशान करने वाले राजनीतिक सवाल पूछने की जरूरत थी. कहा कि यह कुछ ऐसे सवाल हैं जिनको उठाना सीपीआईएमएल नेता के रूप में मेरी जिम्मेदारियों में रहते हुए संभव नहीं था. पार्टी सेंट्रल कमेटी ने मेरे अनुरोध पर सहमति जताई है. इसे भी पढ़ें : आप">https://lagatar.in/aap-mla-seven-bjp-mla-on-six-september-will-meet-president-draupadi-murmu-will-complain-to-each-other/">आपविधायक सात को, भाजपा विधायक छह सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेंगे, करेंगे एक-दूसरे की शिकायत
कविता कृष्णन के सवाल कम्युनिस्ट पार्टी को रास नहीं आये
बता दें कि उन्होंने हाल ही में यूक्रेन-रूस संघर्ष पर ट्वीट कर कहा था कि समाजवादी शासन संसदीय लोकतंत्रों से कहीं अधिक निरंकुश शासन थे. कहा जा रहा है कि कविता कृष्णन के ये सवाल कम्युनिस्ट पार्टी को रास नहीं आये. क्योंकि सीपीआई (एमएल) लिबरेशन यकीनी तौर पर दुनिया में समाजवादी शासन चाहती है. कम्युनिस्ट पार्टी कथित तौर पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) जैसी कम्युनिस्ट पार्टियों से प्रेरणा लेती है. इसलिए कविता कृष्णन का कम्युनिस्ट सरकारों से सवाल पूछना उनकी पार्टी को पसंद नहीं आया. इसे भी पढ़ें : महंगाई,">https://lagatar.in/congress-rally-on-sunday-at-ramlila-maidan-against-inflation-gst-unemployment/">महंगाई,जीएसटी, बेरोजगारी के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली रविवार को

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