Lagatar Desk: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अपने घरेलू क्रिकेट के नियमों बदलाव करने का फैसला किया है. यह फैसला इंग्लैंड की मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) द्वारा प्रस्तावित नियमों के आधार पर किया है. दरअसल, एमसीसी ने क्रिकेट में बदलाव को लेकर कई नियम सुझाए थे जिसे बीसीसीआई लागू करने जा रहा है. भारत के घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी सहित कई अन्य टूर्नामेंट में ये बदलाव देखने को मिलेंगे.
इन नियमों की कॉपियां सभी राज्य संघों को भेज दी गई हैं ताकि आने वाला घरेलू सीजन बिना किसी असमंजस के आयोजित हो सके. नए बदलावों के तहत टेस्ट क्रिकेट में अगर दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिर भी जाता है तो ओवर पूरा किया जाएगा. पहले अंपायर ऐसी स्थिति में दिन का खेल खत्म करने का ऐलान कर देते थे.
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क्या है नए नियम
अब बल्लेबाज कम रन लेकर सुरक्षित नहीं रह सकते, अगर बल्लेबाजों ने जानबूझकर कम रन लिए तो ऐसी स्थिति में फील्डिंग करने वाली टीम के कप्तान को ये फैसला करने का अधिकार होगा कि अगली गेंद पर कौनसा बल्लेबाज स्ट्राइक पर होगा.
जानबूझकर फ्रंट-फुट नो-बॉल फेंकने और जानबूझकर गेंद को सही जगह पर न गिराने पर अब गेंदबाज को केवल पारी के लिए ही नहीं, बल्कि मैच के शेष भाग के लिए गेंदबाजी करने से निलंबित कर दिया जाएगा.
वनडे मैचों के दौरान टीम के हेड कोच ड्रिंग्स ब्रेक में मैदान पर आ सकेंगे. सभी फील्डरों का गेंद फेंके जाने के समय बाउंड्री के अंदर होना जरूरी होगा.
बॉल को डैड घोषित करने के नियम में भी बदलाव किया गया है. अब इसके लिए गेंद का विकेटकीपर के हाथ में या गेंदबाज के पास होना जरूरी नहीं है. यदि गेंद किसी फील्डर के पास है या फिर गेंद मैदान पर गिरी हुई है तब भी वह डैड होगी. वहीं, विकेटकीपर को गेंद फेंके जाने के समय विकेट के पीछे होना होगा. अब विकेटकीपर पर अब रन-अप के दौरान अपने दस्ताने आगे रखने पर जुर्माना नहीं झेलना पड़ेगा.
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