Ranchi: हाईकोर्ट में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दायर शाईदा खातून व अन्य अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई. मामले में कोर्ट ने सीजेएम पलामू से मृतक युवक के खिलाफ दर्ज केस पांकी थाना कांड संख्या 25 /2025 का मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात सामने आई कि युवक को रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम पलामू के पास जो सर्टिफिकेट मेदिनीनगर अस्पताल द्वारा दिया गया था, उसमें फिट फॉर कस्टडी लिखा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया था.
लेकिन सरकार के शपथ पत्र में 6 3.2025 को युवक का एक अन्य फिटनेस से संबंधित कागजात है, जिसमें युवक की इंज्यूरी बतायी गयी है. कोर्ट ने इस बात को गंभीरता से लिया और युवक के केस का मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब इकबाल ने पक्ष रखा. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि 1 मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार से पुलिस पकड़ कर ले गई थी, हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की गई.
बाद में उसके खिलाफ पांकी थाना कांड संख्या 25 /2025 दर्ज कर सीजेएम कोर्ट पलामू में पेश कर रिमांड पर लिया गया. उस दौरान सीजेएम कोर्ट में पुलिस ने अस्पताल का एक सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत किया था, जिसमें युवक के घायल होने के बावजूद भी उसे फिट फॉर कस्टडी बताया गया था.
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