Ranchi News: डेटा की सुरक्षा व गोपनीयता की रणनीति को लेकर शुक्रवार को रांची के प्रोजेक्ट भवन में कार्यशाला आयोजित हुआ. विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मियों के साथ आईटी निदेशक माधवी मिश्रा ने मंथन किया. माधवी मिश्रा ने बताया कि अब राज्य के हर विभाग में डेटा प्रोटेक्शन ऑफिसर (DPO) की नियुक्ति की जाएगी.
डीपीओ की भूमिका होगी महत्त्वपूर्ण
कार्यशाला में डेटा सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया. इसके तहत डेटा प्रोटेक्शन ऑफिसर (DPO) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी. ये अधिकारी डेटा सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुपालन में अपने-अपने विभागों का मार्गदर्शन करेंगे.
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नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की होगी सुरक्षा
वर्तमान में डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार हुआ है. इसके कारण सरकारी विभागों में बड़ी मात्रा में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा का इस्तेमाल होता है. ऐसे में इस डेटा को सुरक्षित रखना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है. इसके इस्तेमाल में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
अधिकारियों को दी गई कानून की जानकारी
कार्यशाला में अधिकारियों को डेटा सुरक्षा के अहम प्रावधानों की जानकारी दी गई. उन्हें डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम 2023 के बारे में विस्तार से बताया गया. साथ ही सरकारी कामकाज में डेटा के इस्तेमाल और विभागीय स्तर पर अधिकारियों की भूमिका भी स्पष्ट की गई.
आईटी विभाग ने किया कार्यशाला का आयोजन
कार्यशाला का आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सी-डैक के सहयोग से सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की ओर से किया गया था. इसमें सरकारी कामकाज में डेटा संरक्षण कानून लागू करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ. जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में सरकारी और नागरिक डेटा को पूरी तरह सुरक्षित बनाना रहा.
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