Shambhu Kumar
Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार ने शुक्रवार को खूंटपानी प्रखंड स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने ई-कचरा उठाव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. साथ ही, कचरे के उचित प्रबंधन और ग्रामीणों की सहभागिता से स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण की व्यवस्था का जायजा लिया.
उन्होंने निर्देश दिया कि इकाई के आसपास की पंचायतों के लिए रोस्टर तैयार कर घर-घर से प्लास्टिक एवं सूखे कचरे का नियमित संग्रहण किया जाए. वाहन के संचालन के लिए पंचायत राज मद से चालक की व्यवस्था करने तथा ग्रामीणों को स्वेच्छा से निर्धारित सहयोग शुल्क देने के लिए प्रेरित करने को भी कहा. इसके बाद उपायुक्त ने मटकोबेरा पंचायत भवन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक की.
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बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने घरों से निकलने वाले कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग रखने का निर्देश दिया. इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू खतरनाक कचरा और स्वच्छता अपशिष्ट शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण होने से वैज्ञानिक निस्तारण एवं पुनर्चक्रण में आसानी होगी. बैठक में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की भी समीक्षा की गई.उपायुक्त ने जलसहियाओं को क्षेत्र परीक्षण किट के माध्यम से पेयजल स्रोतों के पानी की नियमित जांच करने और उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया.
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा, जिला परिषद सदस्य यमुना तियु, मुखिया माधुरी हेम्ब्रम सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
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