Jamtara: समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, पोषण ट्रैकर, टीएचआर वितरण, आभा कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वीएचएसएनडी, आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति तथा आधारभूत सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई.
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समीक्षा के दौरान नाला प्रखंड का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाए जाने पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जताते हुए सीडीपीओ से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया. साथ ही चेतावनी दी कि सभी पैरामीटरों में दो दिनों के भीतर अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उपायुक्त ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत सभी पात्र लाभुकों को शत-प्रतिशत जोड़ने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी अयोग्य व्यक्ति को योजना का लाभ दिए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. उन्होंने महिला पर्यवेक्षिकाओं की कार्यशैली पर भी असंतोष जताते हुए स्पष्ट कहा कि लापरवाही और शिथिलता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.
बैठक में जिले में आंगनवाड़ी सेविका के 27 एवं सहायिका के 46 रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एक माह के भीतर विभागीय नियमों के अनुरूप पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी की जाए. उन्होंने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में भवन, पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा जिन केंद्रों में बिजली नहीं है वहां शीघ्र कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. साथ ही सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों, को-लोकेशन व्यवस्था और पोषण संबंधी गतिविधियों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की प्रगति की अब प्रत्येक 15 दिनों पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा होगी, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंच सके.
बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, प्रभारी सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग कयूम अंसारी सहित सभी सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित थीं.
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