Bihar News : पटना के संपत्तिधारकों के लिए जरूरी खबर है. नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है. अगर आपने इस दिन तक टैक्स जमा नहीं किया, तो 1 अक्टूबर से बकाया टैक्स पर हर महीने 1.5 प्रतिशत ब्याज लग सकता है. यानी जितनी देर से टैक्स जमा करेंगे, उतनी ही ज्यादा रकम आपको चुकानी पड़ सकती है.
कार्रवाई से बचने के लिए समय पर टैक्स करें जमा
नगर निगम ने लोगों से समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अपील की है. नगर निगम का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल शहर में सड़क, सफाई, नाली और दूसरी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है.
अगर आपने अभी तक अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं किया है, तो आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते टैक्स भर देना बेहतर होगा. इससे अतिरिक्त ब्याज और आगे होने वाली वसूली की कार्रवाई से बचा जा सकता है.
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अप्रैल से जून तक टैक्स जमा करने से मिलती है छूट
टैक्स भुगतान और संपत्ति के कर निर्धारण से जुड़ी जानकारी लोगों को मोबाइल में मैसेज के जरिए भी दी जा रही है. नियमों के मुताबिक, अप्रैल से जून के बीच पूरे साल का संपत्ति कर एक साथ जमा करने पर मूल टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट मिलती है.
वहीं, जुलाई से सितंबर के बीच टैक्स जमा करने पर कोई छूट नहीं मिलती. लेकिन इस अवधि में टैक्स जमा कर देने से अक्टूबर से लगने वाले ब्याज से बचा जा सकता है, इसलिए जिन लोगों ने अभी तक इस साल का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा है, उनके लिए 30 सितंबर आखिरी मौका है.
1 अक्टूबर से बकायेदार माने जाएंगे
नगर निगम के मुताबिक, सितंबर के बाद टैक्स बकाया रखने वाले लोगों को डिफॉल्टर यानी बकायेदार की श्रेणी में रखा जा सकता है. इसके बाद बकाया मूल टैक्स पर हर महीने 1.5 प्रतिशत ब्याज जुड़ता जाएगा. जितने ज्यादा समय तक टैक्स जमा नहीं होगा, उतनी ही ज्यादा रकम देनी पड़ेगी.
ज्यादा समय तक टैक्स नहीं देने पर कार्रवाई भी संभव
प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय तक जमा नहीं करने पर सिर्फ ब्याज ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत नगर निकाय को बकाया टैक्स की वसूली के लिए संपत्ति कुर्क करने और उसकी बिक्री जैसी कार्रवाई करने का अधिकार है.
कुछ मामलों में बकायेदार का बैंक खाता फ्रीज करने या गिरफ्तारी वारंट जारी करने जैसी कार्रवाई का भी प्रावधान है. हालांकि, सामान्य तौर पर नगर निगम पहले लोगों को टैक्स जमा करने के लिए सूचना और पर्याप्त मौका देता है.
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