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कोरोना से हुई मौत का होना था डेथ ऑडिट: 5 जून को निकला था आदेश, 119 दिन बीत गए, सिर्फ 10 जिले ने सौंपी रिपोर्ट

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Ranchi : कोरोना काल में श्मशान से लेकर कब्रिस्तान तक संक्रमितों के शव से भरे हुए थे. मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था. लोकसभा से लेकर विधानसभा सत्र के दौरान कोरोना संक्रमितों की मौत का मामला गरमाया रहा. विधानसभा में सरकार ने जवाब दिया कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई है. लेकिन सवाल अहम है कि जब खुद स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से मरने वालों का ऑडिट कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने की बात कही थी तो फिर सदन में विभागीय मंत्री ने ये जवाब कैसे दिया गया कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई है.

5 जून को डेथ ऑडिट करवाने का सभी जिले के डीसी को दिया गया था आदेश

स्वास्थ्य विभाग ने 5 जून को आदेश जारी कर 7 दिनों के अंदर डेथ रिपोर्ट सौंपने का निर्देश सभी जिले के डीसी को दिया था. आदेश के 119 दिन बाद भी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी. रांची जिला में कमिटी बनाकर डेथ रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा डीआरसीएचओ डॉ शशिभूषण खलखो को दिया गया था. वो खुद सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त है. जबकि इतने दिनों में सदर अस्पताल की भी ऑडिट रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी. डॉ शशिभूषण खलखो ने कहा कि उन्हें डेथ ऑडिट के अलावा वैक्सीनेशन का भी प्रभारी बनाया गया है. समय के अभाव के कारण रिपोर्ट तैयारी नहीं हो पाया है. उनकी दलील है कि कुछ प्राइवेट अस्पतालों ने रिपोर्ट विभाग को ही भेज दिया है, जिसकी जानकारी उनके पास नहीं है. लेकिन सवाल है कि जिन्हें रिपोर्ट बनाकर भेजनी थी, रिपोर्ट उनके पास नहीं पहुंची. इसे भी पढ़ें- CM">https://lagatar.in/cm-hemant-soren-said-sarvodaya-ashram-will-be-developed-as-a-tourism-research-center/">CM

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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 01अप्रैल से 21मई के बीच इतनी मौत

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के मुताबिक 01 अप्रैल से 21 मई तक राज्य में 1253 संक्रमितों की मौत हुई है. लेकिन डेथ ऑडिट के बाद मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ेगा. हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि राज्य में मौत का आंकड़ा विभागीय आंकड़े से अधिक है. इसे भी पढ़ें- कैग">https://lagatar.in/the-cag-said-that-in-violation-of-the-rules-the-center-has-sent-thousands-of-crores-of-rupees-directly-to-the-accounts-of-the-companies-of-gujarat-since-2015/">कैग

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सिर्फ रिम्स ने बताया- सेकेंड वेब के दौरान 750 मौतें हुईं

डेथ ऑडिट के निर्देश के बाद जिले में सिर्फ रिम्स ने अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी है. दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में 750 मौत हुई है. इसमें से 400 से ज्यादा मौत ट्रॉमा सेंटर में हुई, जबकि अन्य वार्डों में इलाज के दौरान बाकी की जान गयी. 10 दिन पहले तक राजधानी से रिम्स के अलावा 10 जिलों द्वारा विभाग को रिपोर्ट भेजी गयी थी. इसमें सरायकेला, हजारीबाग, देवघर, खूंटी, बोकारो, गुमला, गोड्‌डा, लोहरदगा व गढ़वा जिले शामिल हैं.

10 जिलों में ये रहे मौत के आंकड़े

  • जिला               मौत का आंकड़ा
  • रांची (रिम्स) -       750
  • सरायकेला -         56
  • हजारीबाग -        186
  • देवघर -              105
  • खूंटी -                 90
  • बोकारो -            240
  • गुमला -              38
  • गोड्डा -               76
  • लोहरदगा -         80
  • गढ़वा -              90
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